फेसबुक के बाद अब व्हाटसऐप भी आया डेटा लीक के घेरे में
नई दिल्ली। फेसबुक डेटा लीक मामले के बाद अब फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्टाटसऐप भी शक के घेरे में आ गया है। व्हाटसएप यूजर की प्राइवेसी को लेकर संदेह के घेरे में घिरता जा रहा है। 200 मिलियन एक्टिव यूजर्स वाली इस व्हाट्सऐप पर आरोप लगा है कि इसके यूजर्स का डेटा उनता सिक्योर नहीं है जितना इसे लेकर कंपनी दावा करती रही है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि व्हाट्सएप की कुछ शर्तें ऐसी हैं जिसे चैलेंज नहीं किया जा सकता और इनसे यूजर्स के डेटा को खतरा है। हालांकि व्हाटसऐप ने इसे नकारते हुए कहा है कि यूजर्स की चैट एंड-टू-एंड एनक्रीप्टेड होती है। व्हाट्सऐप यूजर के डेटा की बेहद छोटी सी इंफॉर्मेशन अपने पास रखता है।

व्हाटसऐप यूजर्स की प्राइवेसी पर उठे सवाल
साइबर एक्सपर्ट ने कहा है कि व्हाटसऐप यूजर्स का डेटा उतना सुरक्षित नहीं जितना दावा किया जा रहा है। जबकि कंपनी का कहना है कि यूजर्स की सिक्योरिटी हमारे लिए सबसे जरुरी है। व्हाटसऐप डेटा की बेहद छोटी सी इंफॉर्मेशन अपने पास रखता है।व्हाटसऐप ने कहा है कि वो यूजर्स के मैसेज का ट्रैक नहीं रखता है। एक्सपर्ट का कहना है कि व्हाट्सऐप यूजर्स के डेटा को कोड में बदलकर उसे सुरक्षित रखता है, लेकिन कॉल की सूचना इत्यादि के डाटा का उपयोग कंपनी कर सकती है। वहीं वहीं व्हाटसऐप ने स्वीकार किया है कि वह यूजर्स की पहचान और उपकरण की पहचान फेसबुक से साझा करती है।

क्या है एन्क्रिप्शन
एन्क्रिप्शन एक हाई लेवल का सिक्योरिटी सिस्टम है, जो हमारे फोन के डेटा को एक कोड फार्म में बदल कर उसे सुरक्षित रखता है। इस कोड को सही Key से ही खोला जा सकता है। एन्क्रिप्शन एक बेहद एडवांस सिक्योरिटी ऑप्शन है। इससे सुरक्षित डेटा को केवल Unique Key से ही डीक्रिप्ट किया जा सकता है।

फेसबुक के 27 लाख यूजर्स के डेटा लीक
हाल ही में फेसबुक डेटा लीक का बड़ा मामला सामने आया है। फेसबुक डाटा लीक से 27 लाख से ज्यादा यूरोपीय देश के यूजर्स प्रभावित हुए हैं। फेसबुक ने माना कि ब्रिटिश कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने 5.62 लाख भारतीय यूजर्स समेत 8.70 करोड़ यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल किया। फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसके लिए अपने यूजर्स से माफी मांगी और दूसरा मौका देने को कहा।












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