NSDL से अलग है CDSL, तीन साल में निवेशकों को दिया 5 गुना रिटर्न
एनएसडीएल और सीडीएसएल दो ऐसी कंपनियां हैं जो निवेशकों के लिए एक तरह से बैंक का काम करते हैं। दोनों के बारे में आपने जरूर सुना होगा। हर निवेशक को इन दोनों के बारे में पता है। लेकिन बहुत कम लोग हैं जिन्हें इसके बारे में अंतर नहीं पता है।
एनएसडीएल की बात करें तो इसका फुल फॉर्म National Securities Depositories Ltd है। वहीं सीडीएसएल Central Depositories Securities Ltd दूसरी डिपॉजिटरी है। दोनों ही डिपॉजिटरी हैं और इसका काम शेयर, बॉन्ड आदि खरीदने और बेचने का है। दोनों में से किसी एक का चयन डीमैट अकाउंट को खोलते समय होता है।

दोनों ही डिपॉजिटरी एक तरह का काम करते हैं। ये दोनों सेबी द्वारा संचालित हैं और दोनों ही स्वायत्त संस्थाएं हैं। एनएसडीएल की स्थापना 1996 में हुई थी। यह देश की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी है। वहीं सीडीएसएल की स्थापना 1999 में हुई थी।
अहम बात यह है कि दोनों ही डिपॉजिटरी का काम लगभग एक जैसा ही है लेकिन दोनों का काम करने का बाजार अलग है। एनएसडीएल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में काम करता है जबकि सीडीएसएल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में काम करता है। लिहाजा दोनों का बाजार अलग है लेकिन काम लगभग एक जैसा ही है।
एनएसडीएल शेयर की बात करें तो बाजार में इसने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले पांच साल के ग्राफ को देखें तो 2020 में कंपनी का शेयर का दाम तकरीबन 225 रुपए था जोकि अब 1176 रुपए पर ट्रेड कर रहा है।
जनवरी 2022 में कंपनी का शेयर 1500 रुपए पर ट्रेड कर रहा था। यानि महज दो साल के भीतर कंपनी का शेयर तकरीबन 7 गुना बढ़ गया था। हालांकि पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में अच्छा करेक्शन देखने को मिला है और कंपनी कंपनी के शेयर में 20-30 फीसदी का करेक्शन आ चुका है। ऐसे में इस कंपनी में आप अपनी रिसर्च के बाद निवेश करें या नहीं इसका फैसला ले सकत हैं।












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