कोरोना की तीसरी लहर नहीं आई तो जल्द ट्रैक पर लौटेगी हमारी अर्थव्यवस्था: मुख्य आर्थिक सलाहकार
नई दिल्ली, सितंबर 03: हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अर्थव्यवस्था के आंकड़ों में बताया गया है कि, अप्रैल से जून 2021 के दौरान यानी मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 20.1% रही है। अब इस पर देश के चीफ इकनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल की ओऱ अहम बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, हमने GDP में अप्रैल-जून में 20.1% की वृद्धि देखी। यह बहुत मजबूत संख्या है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह 2020 में इसी अवधि में लॉकडाउन के कारण निचले आधार पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि, अगर हम तीसरी लहर से नहीं टकराते हैं तो हम अक्टूबर-दिसंबर तिमाही तक प्री-कोविड स्तर तक पहुंचने में सक्षम होंगे। हम बहुत तेजी से अर्थव्यवस्था का विस्तार करने की स्थिति में हैं। यहां तक कि अगर हम तीसरी लहर की चपेट में आते हैं, तो भी हमारे पास इससे निपटने के लिए वित्तीय संसाधन हैं। हमारा राजकोषीय घाटा बहुत नियंत्रित है। यदि आवश्यक हो तो हमारे पास प्रतिक्रिया देने की जगह है।
शेयर बाजार के नई उंचाई पर पहुंचने को लेकर संजीव सान्याल ने कहा कि, पूंजी बाजार मजबूत है। धन प्रभाव भी होता है। इन दोनों का मतलब है कि हमारी अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ने की स्थिति में है। इसका मतलब यह भी है कि घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों ने उन प्रमुख सुधारों की सराहना करना शुरू कर दिया है जो हमने कई वर्षों में किए हैं।
सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन का बचाव करते हुए इकनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल ने कहा कि, सरकार के पास बड़ी संख्या में संपत्ति है। यदि संभव हो तो उनका मुद्रीकरण करना और संसाधन जुटाना ताकि हम नए बुनियादी ढांचे में निवेश कर सकें या अर्थव्यवस्था या समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान कर सकें। फिर इसमें गलत क्या है? मुझे नहीं लगता कि कोई भी संसाधनों के कुशल उपयोग के खिलाफ कोई सार्थक आर्थिक तर्क दे सकता है। राजनीतिक तर्क, निश्चित रूप से जारी रह सकते हैं।












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