US Market: रिकॉर्ड हाई से अचानक क्यों गिर गए अमेरिकी शेयर बाजार, इन 4 वजह से मंडरा रहा मंदी का खतरा?
US Markets Dropped Reason: अमेरिकी स्टॉक मार्केट का पूरा गणित बीते 20 दिन में बदल गया। जनवरी 2025 में अमेरिका के शेयर बाजार डाउ जोंस (Dow Jones), नैस्डैक (Nasdaq) व एउसएंडपी 500 (S&P) उच्चतम स्तर को छू रहे थे वो अब धड़ाम से गिर रहे हैं। संभल ही नहीं रहे। इसलिए अब अमेरिका में मंदी की आहट होने लगी है।
दरअसल, 20 दिन पहले तक अमेरिकी की अर्थव्यवस्था मजबूत दिखाई दे रही थी। मंदी का कोई संकेत नजर नहीं आ रहा था, मगर टैरिफ वॉर, ब्याज दरें आदि की वजह से अब पूरे अमेरिका में मंदी की चर्चा है।

अमेरिकी स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजारों में सोमवार, 10 मार्च 2025 को आई भारी गिरावट ने निवेशकों को झकझोर दिया। खासतौर से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई, जिसमें नैस्डैक 100 इंडेक्स 3.8% तक गिर गया, जो कि साल 2022 के बाद का सबसे बड़ा गिरावट था। इस एक दिन की बिकवाली से नैस्डैक में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू लगभग 91 लाख करोड़ रुपये (1.1 ट्रिलियन डॉलर) घट गई।
अमेरिकी स्टॉक मार्केट में गिरावट की वजह
1. टैरिफ वॉर
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद टैरिफ वॉर छेड़ दिया। ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी तक दे डाली कि चीन, मैक्सिको व कनाडा से टैरिफ वॉर से अमेरिका को थोड़ी परेशानी हो सकती है। इस बयान से अमेरिकी स्टॉक मार्केट डाउ जोंस के निवेशक में भय का माहौल है।
2. टेक में गिरावट
अमेरिकी स्टॉक बाजार में टेक कंपिनयों का बड़ा प्रभाव है। एलन मस्क की टेस्ला का शेयर 13 तक गिर गया। एप्पल, एनवीडिया और अल्फाबेट के शेयर की 5 फीसदी नीचे पर कारोबार कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट व अमेजन शेयर भी गिरावट से बच नहीं पाए। दो से चार प्रतिशत गिर गए।
3. ब्याज दरें
पिछले दिनों अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए कि महंगाई को काबू में लाने के लिए जल्द ही ब्याज दरों को बढ़ाया जाएगा। इससे निवेशकों में डर का माहौल हो गया और स्टॉक गिरने लगा।
4. इंडेक्स में बदलाव
सीएनएन का फेयर एंड ग्रीन इंडेक्स एक ऐसा टूल है जिसका इस्तेमाल फाइनेंशियल मार्केट में, विशेष रूप से स्टॉक ट्रेडिंग में इन्वेस्टर की भावनाओं का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस इंडेक्स में सोमवार को अत्यधिक डर का स्तर दिखा। इससे पहले तक यह न्यूट्रल था।
टेस्ला को सबसे ज्यादा नुकसान
निवेशकों में चिंता की लहर तब और बढ़ गई जब ब्लूमबर्ग मैग्नीफिशेंट 7 इंडेक्स, जो कि अमेरिका की 7 प्रमुख टेक कंपनियों को ट्रैक करता है, में 5.4% की गिरावट आई। इसमें गूगल, एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक, अमेज़न, और टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट ने कई निवेशकों को अस्थिर बना दिया। विशेष रूप से, टेस्ला को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां इसके शेयरों में 15% की गिरावट आई। इस साल अब तक टेस्ला का कुल नुकसान 45% तक पहुंच चुका है।
ट्रंप के बयानों ने बढ़ाई अस्थिरता
निवेशकों का मानना है कि यह गिरावट अमेरिका में बढ़ती मंदी की आशंका के कारण है। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ा दी, जब उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है। इसके अलावा, ट्रंप ने कहा था कि सत्ता में आते ही वह पहले दिन से ही टैरिफ लगाएंगे, जिससे टैक्स कटौती का भार कम होगा। लेकिन उनके हालिया बयानों में बदलाव से बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मंदी की आशंका से बचने के लिए निवेशक अब डिफेंसिव सेक्टर्स की ओर बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में, Nvidia, Microsoft और Apple जैसी कंपनियां ट्रिलियन डॉलर के मार्केट वैल्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन अब इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। एक और बड़ी वजह है महंगाई और बदलती व्यापार नीतियां, जिनसे निवेशक और ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
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