Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

नोटबंदी के बाद बचत खाते पर मिलने वाले ब्‍याज दरों को घटाने की तैयारी में बैंक, जल्‍द होगा ऐलान

देश में नोटबंदी के फैसले के बाद बैंकों में पहुंचें अरबों रुपए ने अब बैंक वालों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच हैं। इस चिंता को दूर करने के लिए बैंकों का पहना निशाना बैंकों के बचत खाताधारक बनेंगे।

मुंबई। देश में नोटबंदी के फैसले के बाद बैंकों में पहुंचें अरबों रुपए ने अब बैंक वालों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच हैं। इस चिंता को दूर करने के लिए बैंकों का पहना निशाना बैंकों के बचत खाताधारक बनेंगे। देश के दो बड़े सरकारी इस दिशा में सोच रहे हैं। मिंट की खबर के मुताबिक दोनों बैंक बचत खाते पर मिलने वाले ब्‍याज की दर को घटा सकते हैं। बैंकों का मानना है कि नोटबंदी के फैसले के बाद जमा हुए पैसे पर बैंकों को ज्‍यादा ब्‍याज देना होगा। इसके चलते बैंकों को अपनी लागत निकालने के लिए यह फैसला करना पड़ सकता है। अगर देश के सरकारी बैंक ऐसा करते हैं तो पिछले पांच सालों में यह पहली बार लिया गया निर्णय होगा। एक बैंक के अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि एक जनवरी से बैंकों के बचत खाते पर मिलने वाले ब्‍याज को कम किया जा सकता है। बचत खाता धारकों को झटका देते हुए सरकार ब्‍याज दर को 4 फीसदी से घटा कर 3.50 फीसदी कर सकती है। देश भर में अधिकतर बैंक बचत खाते पर 4 फीसदी ब्‍याज देते हैं।

नोटबंदी के बाद बचत खाते पर मिलने वाले ब्‍याज दरों को घटाने की तैयारी में बैंक, जल्‍द होगा ऐलान

यह बात और सच इसलिए भी जान पड़ती है क्‍योंकि पिछले दिनों खबर आई थी कि देश भर के करोड़ों पीएफ खाताधारकों को झटका देने के बाद अब सरकार पब्लिक प्रोविडेंट फंड(पीपीएफ) और अन्‍य छोटी बचत योजनाओं की ब्‍याज दर में कटौती कर सकती है। इस बात ईटी ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र की मोदी सरकार ने अगर गोपीनाथ समिति के अनुंशसा को मान लिया तो ब्‍याज दरों में कम से कम 100 बेसिस अंक या 1 फीसदी तक की कटौती हो सकती है। अगर ऐसा होता है पीपीएफ पर मिलने वाली ब्‍याज दर घटकर 8 फीसदी से 7 फीसदी के स्‍तर पर पहुंच जाएगी।

गोपीनाथ समिति ने की सिफारिश- 30 जून 2015 को पीपीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज की दर 8.7 फीसदी थी। जो 30 सिंतबर, 2016 तक घटकर 8 फीसदी के स्‍तर पर पहुंच गई है। आपको बताते चलें कि गोपीनाथ समिति ने सरकारी बॉडंस की प्राप्तियों के मुताबिक छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तय किए जाने की बात कही थी। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक विश्लेषकों को लगता है कि केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में इतनी ज्‍यादा कटौती नहीं करेगी और अगर संभव हुआ तो 8 से घटाकर पीपीएफ पर मिलने वाली ब्‍याज की दर को 7.80 और 7.75 किया जा सकता है।

अगली तिमाही में हो सकती है कटौती- रिपोर्ट में विश्‍लेषकों के हवाले से कहा गया है कि पीपीएफ की ब्‍याज दर में अगली तिमाही में कटौती संभव है। उन्‍होंने बताया कि सरकार ने जब पीएफ पर ब्‍याज दर कटौती करने में कदम पीछे नहीं खीचें तो अब पीपीएफ और दूसरी छोटी बचत योजनाओं पर से ब्‍याज दर घटाने में पीछे नहीं हटेगी। क्‍योंकि हर बार पीएफ पर ब्‍याज दर कम करने के चलते ही सरकार को कर्मचारियों के गुस्‍से का सामना करना पड़ता था। पर इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।

पीएफ पर ब्‍याज दर को पहले घटा चुकी सरकार वहीं दूसरी तरफ जानकारों ने इस बात की भी सलाह दी कि अगर सरकार राष्‍ट्रीय बचत पत्र जैसी दूसरी छोटी बचत योजनाओं की ब्‍याज दरों में कटौती करती है तो इनकी चमक कम पड़ जाएगी। केंद्र सरकार ने पिछले सप्‍ताह ही पीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज की दर को 8.80 फीसदी से घटाकर 8.65 फीसदी कर दिया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+