ट्रंप के 25% टैरिफ के कारण शेयर मार्केट में मचा हाहाकार, 10 मिनट में करोड़ों डूबे, निवेशकों का बीपी हाई
Stock Market : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद से घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है ,सेंसेक्स और निफ्टी ने लाल निशान के साथ आज खाता खोला है, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। आपको बता दें कि बाजार खुलने के मात्र 10 मिनट के अंदर ही निवेशकों को करोड़ों का नुकसान हुआ है।
आपको बता दें कि BSE लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप 452 लाख करोड़ से गिरकर ₹449 लाख करोड़ तक आ गई है, जिसका अर्थ ये हुआ कि निवेशकों को सीधा तीन करोड़ का नुकसान हुआ है।

आज जिस वक्त मार्केट खुला उस वक्त बीएसई सेंसेक्स ने 80,695.50 पर था जो कि मिनटो में गिरकर 80,695.15 पर आ गया तो वहीं निफ्टी जो कि 24,642.25 पर खुला था वो भी गिरकर 24,635.00 पर आ गया फिलहाल निवेशकों की परेशानी काफी बढ़ गई है और उनका तनाव काफी बढ़ गया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया भारत पर 25% टैरिफ
मालूम हो कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो कि 1 अगस्त से लागू हो जाएगा। हालांकि एएनआई द्वारा पूछे गए एक सवाल पर कि क्या वह टैरिफ पर भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं?
'भारत दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ लगाने वाला देश'
तो इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम अभी उनसे बात कर रहे हैं। हम देखेंगे कि क्या होता है। भारत दुनिया में सबसे अधिक या लगभग सबसे अधिक टैरिफ लगाने वाला देश था... हम देखेंगे। हम अभी भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं।'
'25% टैरिफ के साथ अतिरिक्त पेनाल्टी भी लगेगी' (Stock Market )
इससे पहले ट्रंप ने इंडिया को दोस्त बताते हुए कहा था कि भारत को अब रूस से सैन्य उपकरण और क्रूड ऑयल खरीदने की वजह से 25% टैरिफ के साथ अतिरिक्त पेनाल्टी भी देनी पड़ेगी। ट्रंप के इस टैरिफ फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान निम्नलिखित सेक्टर्स पर सीधा पड़ सकता है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर
भारत से अमेरिका को कई ऑटो पार्ट्स और टू-व्हीलर एक्सपोर्ट किए जाते हैं। 25% टैरिफ लगने से इनकी कीमतें अमेरिकी बाजार में बढ़ जाएंगी, जिससे भारतीय कंपनियों को ऑर्डर मिलने में मुश्किल आ सकती है।
टेक्सटाइल
टैरिफ बढ़ने से भारतीय कपड़ों की कीमतें अमेरिकी बाजार में बढ़ेंगी, इससे भारत के बिजनेस पर असर पड़ सकता है।
फार्मा उद्योग (Stock Market )
भारतीय दवा कंपनियां अमेरिका को बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाइयां भेजती हैं। टैरिफ बढ़ने से इनकी लागत बढ़ेगी जिससे इनकी मांग में कमी आएगी।
मेटल कंपनियों
25% का नया शुल्क इन मेटल कंपनियों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
आईटी सर्विस सेक्टर
भले ही टैरिफ सीधे आईटी पर न लगे लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा वीजा नीतियों को सख्त करने और भारत से आउटसोर्सिंग रोकने के रुख से यह सेक्टर भी प्रभावित हो सकता है।












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