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पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान और लश्कर का हाथ, UN की रिपोर्ट में खुलासा, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत

Pahalgam Terror Attack UN Report: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत की संसद में इन दिनों तीखी बहस चल रही है। विपक्ष जहां सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंक के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। ऐसे संवेदनशील माहौल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक ताज़ा रिपोर्ट ने संसद में जारी बहस को और तेज़ कर दिया है।

UNSC की 36वीं निगरानी रिपोर्ट में साफ़ तौर पर कहा गया है कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली थी और यह हमला पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सहयोग के बिना संभव नहीं था। यह वही TRF है, जिसे अमेरिका हाल ही में 'ग्लोबल टेररिस्ट ऑर्गनाइज़ेशन' घोषित कर चुका है।

Pahalgam Terror Attack UN Report

UNSC की रिपोर्ट में मुख्य बातें

पहलगाम आतंकी हमला (22 अप्रैल 2025)

  • 5 आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटक स्थल पर हमला किया था।
  • हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी।
  • TRF ने उसी दिन हमले की जिम्मेदारी ली और हमले की जगह की तस्वीरें भी प्रकाशित कीं।

TRF ने बाद में बदला बयान

  • 26 अप्रैल को TRF ने अपनी जिम्मेदारी वापस ले ली।
  • इसके बाद TRF या किसी अन्य गुट की ओर से कोई और दावा नहीं किया गया।

LeT और TRF का संबंध

  • एक सदस्य देश ने बताया कि यह हमला LeT के समर्थन के बिना संभव नहीं था।
  • TRF को LeT का ही प्रॉक्सी संगठन बताया गया।
  • हालांकि, एक अन्य सदस्य देश ने LeT को "विलुप्त" (defunct) बताया, लेकिन यह राय बहुमत की नहीं थी।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम

  • पाकिस्तान ने UNSC प्रेस बयान में TRF का नाम हटवाने में कामयाबी पाई थी।
  • लेकिन इस मॉनिटरिंग रिपोर्ट में TRF का जिक्र शामिल किया गया, जिससे पाकिस्तान की कोशिशों को झटका लगा।

पाकिस्तान की छवि को झटका

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान द्वारा TRF जैसे "सेकुलर" नामों का इस्तेमाल करके आतंकी संगठनों को स्थानीय रंग देने की कोशिश अब दुनिया के सामने है।

महत्वपूर्ण क्यों है MT रिपोर्ट में TRF का उल्लेख

TRF का MT रिपोर्ट में उल्लेख विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 1267 प्रतिबंध समिति की सभी रिपोर्टें सर्वसम्मति से स्वीकृत होती हैं। पाकिस्तान ने TRF के उल्लेख को हटवाने का दावा किया था, जिसे उसने अपनी संसद में भी बताया था, लेकिन रिपोर्ट में TRF और LeT का नाम आना इस्लामाबाद के झूठ और धोखेबाज़ रणनीति की पोल खोल देता है।

ये भी पढ़ें UNSC on Pakistan: पाकिस्तान को मिला आतंकवादियों पर निगरानी का काम, यूएन का शर्मनाक फैसला

पाकिस्तान की 'प्लॉज़िबल डिनाइबिलिटी' रणनीति उजागर

पाकिस्तान लंबे समय से "The Resistance Front" और "People Against Fascist Front" जैसे नामों से अपने जिहादी प्रॉक्सी संगठनों को 'स्थानीय आंदोलन' के रूप में पेश करता रहा है। लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने इस दावे को गलत साबित कर दिया है।

2019 के बाद पहली बार पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों का उल्लेख

यह पहली बार है जब 2019 के बाद संयुक्त राष्ट्र की किसी रिपोर्ट में LeT और पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क का सीधा उल्लेख किया गया है। यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक विश्वसनीयता और संयुक्त राष्ट्र में मज़बूत स्थिति को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें India Pakistan UNSC: 'ऑपरेशन सिंदूर' से लेकर IMF तक, भारत ने UNSC में खोली पाकिस्तान की पोल

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