कोरोना वायरस की वजह से हुआ पश्चिम रेलवे को 1,837 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के कारण पश्चिम रेलवे को 1,837 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हुआ है, जिनमें उपनगरीय खंड को 271 करोड़ रुपये और गैर-उपनगरीय खंड को लगभग 1,566 करोड़ शामिल हैं, बता दें कि लॉकडाउन की वजह से भारतीय रेलवे का आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

पश्चिम रेलवे को लगी करोड़ों की चपत

पश्चिम रेलवे को लगी करोड़ों की चपत

तो वहीं लॉकडाउन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों को अपने गृह क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की थी, देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिए मजदूरों को उनके घर पहुंचाया गया था।

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    श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद

    भारतीय रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 1 मई को शुरू की गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिए रेलवे ने 63 लाख लोगों को अपने-अपने घर पहुंचाया गया था। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने बताया कि 9 जुलाई के बाद से रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया है।

    प्राइवेट ट्रेनों के संचालन का ऐलान

    तो वहीं रेलवे ने देश के 109 जोड़ी व्यस्त रूटों पर प्राइवेट ट्रेनों के संचालन का ऐलान किया है। अब रेलवे की ओर से इन 151 ट्रेनों के शुरू होने का एक संभावित टाइमलाइन भी बता दिया गया है। शुरू में सिर्फ 12 ट्रेनें ही चलाई जाएंगी और धीरे-धीरे करके बाकी सभी 151 ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।

     रेलवे को सालाना लगभग 3,000 रुपये की कमाई की उम्मीद

    रेलवे को सालाना लगभग 3,000 रुपये की कमाई की उम्मीद

    इस प्रोजेक्ट से रेलवे को सालाना लगभग 3,000 रुपये की कमाई की उम्मीद है और इसके जरिए देश में करीब 30,000 करोड़ रुपये की निवेश की संभावना है। इन निजी ट्रेनों को इसलिए भारतीय रेलवे के ट्रैक पर उतारा जा रहा है, ताकि ये रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मुहैया करा सकें।

    क्यूआर कोड

    क्यूआर कोड

    भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन की वजह से कुछ खास सुविधाएं भी प्रारंभ की है, जिसमें से एक है क्यूआर कोड, दरअसल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेल-मंडल में यात्रियों के लिए खास सुविधा शुरू हुई है। यात्रियों के लिए अब रेल टिकट दिखाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि टिकट बुक करते समय रेलवे की ओर से क्यूआर कोड जारी होगा, जो SMS के जरिए यात्री के मोबाइल पर पहुंच जाएगा। यात्रा के दौरान टीटी के द्वारा टिकट मांगे जाने पर उसे केवल मोबाइल पर आया क्यूआर कोड दिखा सकते हैं।

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