कोर इंडस्ट्री ने दिया झटका, फरवरी में दिखी सुस्त रफ्तार, ग्रोथ घटकर रह गई 2.1%
नई दिल्ली। कोर सेक्टर से मोदी सरकार को झटका लगा है। फरवरी माग में कोर सेक्टर की ग्रोथ ने रफ्तार तो पकड़ी, लेकिन ये रफ्तार बेहद धीमी रही। फरवरी में महीने दर महीने आधार पर कोर इंडस्ट्री ग्रोथ 1.5 फीसदी से बढ़कर 2.1 फीसदी हो गई है। अप्रैल- फरवरी की अवधि में कोर इंडस्ट्री की ग्रोथ सालाना आधार पर 4.3 फीसदी से रही है।

फरवरी में क्रूड ऑयल का उत्पादन -4.3 फीसदी के मुकाबले -6.1 फीसदी पर रहा है। वहीं माह दर माह आधार पर फरवरी में कोर सेक्टर की ग्रोथ 1.7 फीसदी के मुकाबले 7.3 फीसदी रही है। वहीं फरवरी में नैचुरल गैस सेक्टर की ग्रोथ 6.2 फीसदी के मुकाबले 3.8 फीसदी रही है। जबकि माह दर माह आधार पर फरवरी में रिफाइनरी का उत्पादन -2.6 फीसदी के मुकाबले -0.8 फीसदी पर रहा है।
फरवरी में 8 कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई है। 8 कोर सेक्टर्स की ग्रोथ सुस्त होकर 2.1 फीसदी के स्तर पर आ गई। जबकि पिछले साल फरवरी में कोर सेक्टर्स में 5.4 फरवरी की ग्रोथ दर्ज की गई थी।आपको बता दें कि 8 कोर सेक्टर्स ने कोयला, क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी आते हैं। फरवरी 2019 में कोयला और नैचुरल गैस के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-फरवरी, 2018-19 में 8 सेक्टर्स की ग्रोथ 4.3 फीसदी रही।












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