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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा सहारा कर्मचारियों का दर्द, आज होगी बड़ी सुनवाई, 88 संपत्तियों पर भी फैसला संभव

Sahara: सहारा समूह के हजारों कर्मचारियों की ज़िंदगी पिछले कई महीनों से ठहर सी गई है। महीनों से वेतन न मिलना, परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी न कर पाना और लगातार आर्थिक संघर्ष, इन सबके बीच आज का दिन उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उन कर्मचारियों की याचिकाओं पर सुनवाई करने जा रहा है, जिन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उनका बकाया वेतन जल्द से जल्द जारी कराया जाए।

मामले का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि कोर्ट सहारा समूह की 88 संपत्तियों की बिक्री के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है। जिससे कर्मचारियों और निवेशकों दोनों के भुगतान की राह खुल सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आज असरदार फैसला सामने आएगा या फिर लंबा इंतजार और बढ़ेगा।

Sahara

88 संपत्तियों की बिक्री पर बड़ी सुनवाई

सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (SICCL) ने अपनी 88 बड़ी और महत्वपूर्ण संपत्तियों को अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को बेचने की अनुमति मांगी है। इस याचिका पर भी आज प्रगति दर्ज हो सकती है। यह मुख्य याचिका पहले से ही 17 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। बीते 14 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सेबी (SEBI) और अन्य पक्षों से इस पर जवाब मांगा था, ताकि आगे की प्रक्रिया तय की जा सके।

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सहारा रिफंड केस वर्षों से लंबित

सहारा समूह से जुड़ा यह मामला लंबे समय से कोर्ट में लंबित है। यह विवाद कंपनी के रिफंड दायित्वों और निवेशकों के पैसे लौटाने से संबंधित है। इसी मामले के दौरान SICCL ने एक इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (IA) दायर की थी। इसे न्यायमूर्ति सूर्य कांत और एम. एम. सुंद्रेश की बेंच ने सुना था।

केंद्र सरकार के दो मंत्रालय बने पक्षकार

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय और सहयोग मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दोनों मंत्रालयों से 17 नवंबर तक विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए कहा है, ताकि सभी पक्षों की बात एक साथ सुनी जा सके।

एमिकस क्यूरी को 88 संपत्तियों की पूरी रिपोर्ट तैयार करने का आदेश

अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नाफाडे को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे सहारा की सभी 88 संपत्तियों का पूरा ब्योरा तैयार करें। रिपोर्ट में यह भी शामिल किया जाए कि कौन-सी संपत्तियां विवाद-मुक्त हैं और किन पर कानूनी विवाद चल रहे हैं। अन्य पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी रिपोर्ट का हिस्सा होंगी।

एक साथ या अलग-अलग बिक्री पर होगा फैसला

मुख्य न्यायाधीश ने साफ किया है कि अदालत यह तय करेगी कि सहारा की संपत्तियां एक साथ बेची जाएंगी या हिस्सों में। यह निर्णय सभी पक्षकारों के जवाब और प्रस्तुत की गई रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद लिया जाएगा।

कर्मचारियों के वेतन को लेकर कोर्ट का सख्त रुख

सहारा समूह के कई कर्मचारियों को कई वर्षों से वेतन नहीं मिला है। कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को कर्मचारियों के दावों की जांच करने का निर्देश दिया है। एमिकस क्यूरी को भी सभी कर्मचारियों के बकाया, वेतन रिकॉर्ड और उनकी स्थिति की जांच करने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने आश्वासन दिया है कि अगली सुनवाई में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जाएगी।

17 नवंबर को सभी मामलों की संयुक्त सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 17 नवंबर को मुख्य याचिका, इंटरवेंशन याचिकाएं और कर्मचारियों के बकाया वेतन से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी। आने वाली सुनवाई सहारा समूह, निवेशकों और कर्मचारियों-तीनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

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