अब बैंक करेंगे जब्त संपत्तियों की ई-नीलामी
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अब स्टेट बैंक आफ इंडिया उससे लोन लेकर वापस ना करने वालों की संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने के बाद आगे बेच रहा है। बेच भी रहा है ई-नीलामी के जरिए। उसने इस तरह का प्रयोग गुजरे हफ्ते किया। स्टेट बैंक को इस प्रयोग का शानदार रिस्पांस भी मिला। जानकारों का कहना है कि अब कुछ और सरकारी बैंक भी स्टेट बैंक के नक्शे कदम पर चलेंगे।

दिल्ली से पटना तक
जानकारी मिली है कि स्टेट बैंक ने दिल्ली, भुवनेशवर, लुधियाना, कोचिच्, नागपुर, पटना, रांची, कटक समते देश के दूसरे शहरों की संपतियों को नीलामी के लिए रखा। ये सभी संपत्तियां उन लोन धारकों की थीं जिन्होने स्टेट बैंक से लोन लेकर उसे वापस नहीं किया। हालांकि स्टेट बैंक समेत सभी बैंक इस तरह से संपत्तियों की नीलामी तो करते हैं। पर संपत्तियों की ई-नीलामी पहली बार हुई है।
जारी रहेगी ई-नीलामी
स्टेट बैंक के राजधानी के पालियार्मेंट स्थित दफ्तर के एक आला अधिकारी ने बताया कि ई-नीलामी के जरिए आप देशभर के ग्राहकों के पास पहुंच सके। इस तरह से नीलामी को हम आगे भी जारी रखेंगे।
गजब का रिस्पांस
अभी यह तो नहीं पता चला कि कितने करोड़ रुपये की संपत्ति की बिक्री हुई ई-नीलामी के जरिए बेचने के लिए की गई पहल में, पर रिस्पांस बहुत अच्छा रहा। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को ई-नीलामी के जरिए बेचने का लक्ष्य रखा था।
क्रैश हुई वेबसाइट
ई-नीलामी को लेकर देश भर में इतना उत्साह देखा गया कि बैंक की वेबसाइट दो बार क्रैश हुई। उस पर लाखों लोग पहुंचने लगे। हालांकि ई-नीलामी के लिए शाम को पांच बजे का ही वक्त तय किया गया था, पर लोगों के उत्साह के चलते इस वक्त को आगे बढ़ाना पड़ा।
स्टेट बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि हमारे पास इन संपत्तियों को बेचने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। इसलिए ही हमने इन्हें ई-आक्शन के जरिए बेचा। इन संपत्तियों में घर, बंगले,कमर्शियल स्पेस वगैरह शामिल हैं।
इस बीच, बैंकिंग मामलों के जानकार बी.पी.जैन ने कहा कि बैंकों को अपने डूबे हुए पैसे को निकालने के लिए कड़े उपाय करने पड़ेगे। क्योंकि बैंकों का डूबा हुआ कर्ज बढ़ता ही जा रहा है।












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