सरकार ने लिया 2000 और 500 के नोट से जुड़ा एक बड़ा फैसला, हर 3-4 साल में बदलेंगे सुरक्षा फीचर्स
यह फैसला नोटबंदी के बाद पिछले चार महीनों के अंदर सरकार को नकली नोट मिलने के बाद लिया गया है। इसके बारे में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है।
नई दिल्ली। सरकार ने फैसला लिया है कि वह हर 3 से 4 साल के अंदर 2000 और 500 रुपए के नोटों के सुरक्षा फीचर में बदलाव करेगी। सरकार ने यह फैसला इसलिए किया है ताकि नकली नोटों पर लगाम लगाई जा सके।

वरिष्ठ अधिकारी थे बैठक में मौजूद
यह फैसला नोटबंदी के बाद पिछले चार महीनों के अंदर सरकार को नकली नोट मिलने के बाद लिया गया है। इसके बारे में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है। इस बैठक में वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि भी मौजूद थे। ये भी पढ़ें- देश के 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी, रोकने के लिए नया सिस्टम शुरू

हर विकसित देश में है ये व्यवस्था
इस अहम कदम की बात करते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अधिकतर विकसित देश हर 3-4 साल में अपने यहां के नोटों के सुरक्षा फीचर्स में बदलाव करते हैं और इसलिए यह बहुत जरूरी है कि भारत भी इस पॉलिसी को अपने यहां लागू करे और इसका पालन करे। यह कदम जाली नोटों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।

17 में से 11 फीचर की हो रही नकल
पिछले चार महीनों में जब्त किए गए 2000 रुपए के नकली नोटों में पाया गया है कि इसमें 11 सुरक्षा फीचर्स ऐसे हैं, जो असली 2000 रुपए के नोट की नकल हैं। आपको बता दें कि 2000 के नकली नोट में 17 में से 11 सुरक्षा फीचर्स की नकल पाई जाने के बाद यह मामला काफी गंभीर हो गया है, जिसके चलते सरकार यह कदम उठाने की तैयारी कर रही है। ये भी पढ़ें- सरकार ने तीन गुना बढ़ाई RBI गवर्नर की बेसिक सैलरी, जानें कितनी तनख्वाह पाएंगे उर्जित पटेल?

ये फीचर्स किए गए कॉपी
2000 रुपए के नोट के जो फीचर्स कॉपी किए गए हैं उनमें ट्रांसपैरेंट एरिया, अशोक स्तंभ, फॉन्ट, वॉटर मार्क और आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के दस्तखत के साथ लिखा गया गारंटी क्लॉज भी हैं। 2000 के नकली नोट में चंद्रयान, स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और प्रिंटिंग के साल को भी बिल्कुल असली जैसा ही छापा गया है।












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