देश के 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी, रोकने के लिए नया सिस्टम शुरू
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पर लगाम लगाने के लिए अब से ड्राइविंग लाइसेंस ई-गवर्नेंस के तहत इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रजिस्टर्ड किए जाएंगे।
नई दिल्ली। ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि देश में 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। फर्जी लाइसेंस पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने बड़े बदलाव की बात कही है। फर्जी लाइसेंस पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने कहा कि अब से ड्राइविंग लाइसेंस ई-गवर्नेंस के तहत इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रजिस्टर्ड किए जाएंगे। ताकी इस धोखाधड़ी को रोका जा सके।

फर्जी लाइसेंस को रोकने के लिए अहम कदम उठाने की वकालत करते हुए गडकरी ने कहा कि अब क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वो ड्राइविंग टेस्ट पास करने के तीन दिन के भीतर लाइसेंस जारी करे। अगर ऐसा करने में वो नाकाम रहते हैं तो संबंधित आरटीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं लाइसेंस जारी होने के बाद इस की लानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी ताकि वह कहीं भी फर्जी लाइसेंस न बनवा सके।
नितिन गडकरी ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब व्यक्ति को ड्राइविंग टेस्ट पास करना ही होगा। बिना इसके किसी भी हालत में लाइसेंस नहीं बनवाया जा सकेगा। इस के लिए 28 ड्राइविंग परीक्षण केंद्र खोले गए है, जबकि अभी 2000 नए केंद्र और खोले जाने हैं। सड़क हादसों की बात करते हुए गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत मौत के लिए इंजीनियर्स जिम्मेदार हैं। रोड इंजीनियरिंग की गलत डिजाइन चिंता का विषय है।












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