पांच एसोस‍िएट बैंकों का विलय करेगा देश का अग्रणी बैंक SBI

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नई दिल्ली। देश का अग्रणी बैंक भारतीय स्टेट बैंक अपने पांच सम्बद्ध बैंकों को मिलाने के साथ बैंकिंग इंडस्ट्री में कंसॉलिडेशन की शुरुआत करेगा। बैंक का मानना है कि दो दशक पहले के चीन की तरह भारत जोरदार इकनॉमिक ग्रोथ के मुहाने पर है और ऐसे मोड़ पर वह इकॉनमी की फंडिंग करने की तैयारी कर रहा है।

असोसिएट बैंकों को मिलाने से एसबीआई का असेट बेस बढ़कर 21.90 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। एसबीआई के पास इस वक्त 15,143 शाखाएं हैं और असोसिएट बैंकों को मिलाने से इसमें 5,658 ब्रांचेज का इजाफा होगा।

एसबीआई की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा, 'इसके लिए समय बेहद माकूल है। जब मैंने काम संभाला तो एसबीआई में ही कई दिक्कतें थीं। अगर किसी को कुछ करना हो तो पहले तो मदरशिप पर ध्यान देना होगा। मदरशिप की हालत बेहतर हो जाए तो आप दूसरे मोर्चों पर निगाह डाल सकते हैं।' न‍िम्नल‍िख‍ित बैंक हैं, जो इस कदम में शामिल किए जा सकते हैं।

  • स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर,
  • स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद,
  • स्टेट बैंक ऑफ पटियाला,
  • स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर
  • स्टेट बैंक ऑफ मैसूर

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एसबीआई के असोसिएट बैंक हैं। इनको मिलाना एसबीआई के लिए आसान नहीं होगा। पिछले एक दशक में बड़ी कोशिश के बाद वह स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर को ही मिला सका। हालांकि भट्टाचार्य ने कहा, 'अब हम एक जैसे टेक्नॉलजी प्लेटफॉर्म पर हैं। हमारी नीतियां भी लगभग समान हैं। सिर्फ एचआर प्रैक्टिस एक जैसी नहीं है। मेरा मानना है कि मर्जर में इसी पहलू से सबसे ज्यादा दिक्कत आती है।'

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