आरबीआई ने रेपो रेट में की 0.25 फीसदी की बढ़ोत्तरी, कर्ज हो जाएगा महंगा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) बुधवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा की। इस बैठक में नई रेपो रेट का ऐलान किया गया। आरबीआई रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कीहै, जिससे बाद रेपो रेट पिछले दो सालों के उच्चतम स्तर 6.50 फीसदी पहुंच गई। रेपो रेट बढ़ने से होम लोन और ऑटो लोन की EMI बढ़ सकती है। बैठक में रिवर्स रिपो रेट को बढ़ाकर 6.25% और मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी रेट एवं बैंक रेट को 6.75% करने का फैसला किया है।

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खुदरा महंगाई दर के मई में चार महीने के ऊपरी स्तर 4.87 फीसदी पर पहुंचने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अगस्त में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट बढ़ाया है। पिछली समीक्षा बैठक में भी रेपो रेट 0.25% बढ़ाई गई थी। साढ़े चार साल बाद इस दर में इजाफा किया गया था।

RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि साल 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4% रहने का अनुमान, वहीं 2019-20 के पहले क्वॉर्टर में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.5% रहने का अनुमान है। वहीं, जुलाई-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है। मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की अगली बैठक 3-5 अक्टूबर को होगी।

अक्टूबर 2013 के बाद ये पहली बार होगा कि लगातार दूसरी समीक्षा बैठक में ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं। ब्याज दरों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर जनता जेब पर पड़ेगा। रेपो रेट के बढ़ने से बैंकों से आपके लिए होम लोन और ऑटो लोन समेत अन्य कर्ज लेना महंगा साबित होगा। लोगों की ईएमआई भी मंहगी हो जाएंगी।

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