Research: हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी से बढ़ा कंपनियों का टर्नओवर, कर्मचारी मन से कर रहे काम
प्राइवेट सेक्टर की कुछ कंपनियों ने हफ्ते में तीन दिन का ऑफ किया है, जिसके बाद से उनकी कंपनी का टर्नओवर बढ़ता जा रहा है। कर्मचारी मन से काम कर रहे और संस्थान को आगे बढ़ा रहे।

वैसे तो ज्यादातर कंपनियों में पांच दिन काम होता है, जबकि कर्मचारियों को दो दिन का ऑफ दिया जाता है, लेकिन अब तीन वीक ऑफ का चलन बढ़ता जा रहा। वैसे तो सुनकर यही लगेगा कि हफ्ते में तीन दिन छुट्टी रहने से कंपनियों का घाटा होगा, पर ऐसा नहीं है। हाल ही में इसको लेकर हुई एक रिसर्च में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। अगर इस रिपोर्ट को आप भी अपने बॉस को दिखा देंगे, तो वो भी आपको हफ्ते में एक-दो नहीं बल्कि तीन दिन का ऑफ देगा।

33 कंपनियों ने लिया हिस्सा
बोस्टन कॉलेज के अर्थशास्त्री और समाजशास्त्री प्रमुख शोधकर्ता जूलियट शोर ने कहा यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर एक रिसर्च की है, जिसमें 33 कंपनियों ने हिस्सा लिया। ये कंपनियां अपने कर्मचारियों से चार दिन काम करवाती हैं, जबकि उनको 3 दिन का ऑफ दिया जाता है। रिसर्च में ये बात सामने आई कि इसमें से कोई भी कंपनी अब फाइव डे वीक प्रोग्राम पर वापस आने वाली नहीं है।

WFH छोड़ रहे कर्मचारी
रिसर्च में पता चला कि जिन कंपनियों में फोर डे वर्किंग है, वहां पर कर्मचारी मन लगाकर काम कर रहे, जिससे प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, जबकि कर्मचारियों के छुट्टी लेने के मामले कम हुए हैं। ऐसे में कंपनियों का टर्नओवर बढ़ रहा। वहीं जो कर्मचारी वर्फ फ्रॉम होम कर रहे थे, उन्होंने भी फोर डे वीक होने पर ऑफिस आने में दिलचस्पी दिखाई। कंपनियों में इस नए प्रयोग को 10 में से 9 अंक दिए गए हैं।

969 कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
शोधकर्ताओं ने बताया कि प्रारंभिक डेटा यूएस, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में व्यवसायों और संगठनों से एकत्र किया गया था। जिसमें 969 कर्मचारियों को 10 महीने तक ट्रैक किया गया। उनकी सैलरी में कोई कटौती भी नहीं हुई और वो औसतन 6 घंटे काम कर देते थे। शोधकर्ताओं के मुताबिक अभी तक 1938 में बने वर्क वीक के आधार पर काम हो रहा है, जो कर्मचारियों को ज्यादा पसंद नहीं, ऐसे में उनकी गुणवत्ता में कमी आती है। इसके साथ ही ये उनके सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।












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