JIO की मांग से लग सकता है ग्राहकों को बड़ा झटका, कंपनी ने कहा- 1 GB डेटा की कीमत हो 20 रु
नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देने की तैयारी में है। टेलीकॉम कंपनी ने सरकार से एक ऐसी मांग की है जो पूरी हुई तो ग्राहकों की जेब और ढीली हो सकती है। दरअसल, दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) लंबे समय से फ्लोर प्राइस को फिक्स करने की योजना बना रहा है क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर के बोझ के कारण भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।

रिलायंस जियो ने फ्लोर प्राइस तय करने की मांग की
रिलायंस जियो ने TRAI से मांग की है कि डेटा के लिए फ्लोर प्राइस तय किए जाएं क्योंकि फ्लोर प्राइस फिक्स हो जाने के बाद कोई कंपनी तय कीमत से अधिक का प्लान मार्केट में नहीं ला सकती है। रिलायंस जियो की मांग है कि फ्लोर प्राइस फिलहाल 15 रु तय किए जाएं और अगले 6 महीनों के लिए इसकी कीमत बढ़ाकर 20 रु कर दी जाए। जियो ने ट्राई से कहा है कि वायरलेस डेटा की कीमत ग्राहकों के इस्तेमाल के हिसाब से तय होंगी।

मांगें पूरी हुईं तो ग्राहकों को लगेगा झटका
रिलायंस जियो ने ये भी कहा है कि वॉइस टैरिफ में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है क्योंकि मार्केट में अस्थिरता का माहौल पैदा हो जाएगा और इसको लागू करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जियो ने ट्राई को दिए सुझाव में सर्विस में आ रही टैरिफ से जुड़ी दिक्कतों की तरफ इशारा किया है। जियो ने कहा है कि भारतीय यूजर कीमतों को लेकर काफी संवेदनशील हैं इसलिए फ्लोर प्राइस को एक बार की बजाय दो-तीन बार में बढ़ाया जाए ताकि टैरिफ के बोझ को कम किया जा सके।

एजीआर के भुगतान को लेकर कंपनियां दबाव में
रिलायंस जियो की तरह वोडाफोन-आइडिया ने भी ट्राई से ऐसी ही मांग की थी। वोडाफोन-आइडिया ने एक जीबी मोबाइल डेटा की कीमत 35 रु करने की मांग की थी, जो मौजूदा स्थिति में करीब 7 गुना ज्यादा है। कंपनी ने डेटा के साथ कॉलिंग के लिए 6 पैसे प्रति मिनट की दरें एक अप्रैल से लागू करने की मांग की है। टेलीकॉम कंपनी ने इस मांग को लेकर सरकार को पत्र भी लिखा है। बता दें कि अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) का भुगतान ना करने के कारण टेलीकॉम कंपनियों पर बहुत दबाव है। वोडाफोन को 53 हजार करोड़ जबकि एयरटेल को 35 हजार करोड़ रु की राशि का भुगतान करना है।












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