इन चार बड़े उद्योगों पर पड़ी मंदी की मार, बिक्री में आई बड़ी गिरावट
नई दिल्ली: भारत में उपभोग की खपत लगातार कम हो रही है। इसकी मार चार बड़े उद्योगों पर पड़ रही है। ये चारों सेक्टर कभी उपभोक्ता अर्थव्यवस्था को बनाए रखते हैं। मंदी की वजह से ये भी चरमरा रहे हैं। ये चार बड़े उद्योग बिस्किट, अंडरगार्मेंट्स, बाइक और शराब है। इनकी खपत में पिछले कुछ समय में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। उपभोक्ता पहले इनमें बड़ी मात्रा में खपत करते थे।

बिस्किट सेक्टर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बिस्किट कंपनी पार्ले ने छंटनी के संकेत देकर बड़े खतरे की चेतावनी दे दी है। पार्ले में 1 लाख कर्मचारी काम करते हैं। देश के सबसे बड़े बिस्किट बनाने वाली कंपनियों पारले-जी, मोनाको और मैरी के निर्माताओं ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मंदी नहीं थमी तो वो 10,000 कर्मचारी की छंटनी कर सकते हैं, जो बड़े पैमाने पर होगी।
बिस्किट के अलावा अंडरगार्मेंट्स सेक्टर में गिरावट देखी गई है। पिछले कुछ समय से इनरवियर कंपनियों की ब्रिकी में गिरावट आई है। जून में इसमें तेजी के साथ गिरावट देखी गई।
अंडरगार्मेंट्स सेक्टर के तिमाही नतीजे पिछले 10 सालों में सबसे कमजोर रहे। जॉकी के अंडरगारमेंट्स बेचने वाली कंपनी पेज इंडस्ट्रीज की बिक्री महज दो फीसदी ही बढ़ी है। साल 2008 के बाद से यह कंपनी का सबसे धीमी गति से हुआ विस्तार है । वीआईपी कंपनी में 20 फीसी की गिरावट देखी गई। लक्स फ्लैट औक डॉलर 4 फीसदी तक सिकुड़ गया। पुरुषों के अंडरगारमेंट्स की बिक्री में आने वाली गिरावट देश की खराब अर्थव्यवस्था का संकेत देता है, जबकि इनरवियर की बिक्री बढ़ने पर अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ते हुए आगे बढ़ती है।
इसके अलावा शराब की खपत में भी कमी देखी गई है। अप्रेल से जून 2919 के दौरान ये कमी देखी गई। जीएसटी की वजह से पिछले तीन तिमाहियों में ब्रिकी तेजी से बढ़ रही थी। लेकिन अब स्थितियां पलट गई हैं। भारत के बाइक उद्योग भी ये गिरावट देखी गई। जुलाई में दोपहिया वाहनों की बिक्री में 16.82 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो पिछले महीनों की तुलना में कम है। कर्मिशियल वाहनों में और गिरी है। जिनकी ब्रिकी 25.71 प्रतिशत तक गिर गई। यात्री कार की कहानी जुलाई में और ज्यादा खराब रही, जो पिछले 20 सालों में नहीं देखी गई।












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