देश के इन तीन बड़े बैंकों का होगा विलय, जानिए वजह और क्या होगा फायदा
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में सहयोगी बैंकों के विलय के बाद तीन और बैंकों के विलय को मंजूरी दे दी। सरकार ने देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के विलय का फैसला कर लिया। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बैंकों के विलय को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि हमने देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को मर्ज करने का फैसला किया है। तीनों बैंकों के विलय से यह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। हम आपको उन वजहों के बारे में बता रहे हैं , जिसकी वजह से सरकार ने तीनों सरकारी बैंकों के विलय का फैसला लिया। साथ ही इस विलय से सरकार को क्या लाभ होगा इसके बारे में बता रहे हैं।

देश के इन तीन बड़े बैंकों का होगा विलय
मोदी सरकार बैंकों की विलय प्रक्रिया की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के विलय का फैसला किया है। तीनों बैंकों के विलय को मंजूरी मिल गई। इन तीनों बैंकों के विलय के बाद जो नया बैंक अस्तित्व में आएगा, वह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा।

क्यों लिया गया बैंकों के विलय का फैसला
लगातार घाटे में चल रही बैंकिंग सेक्टर की दशा सुधारने में लगी सरकार ने बैंकों के विलय का कदम उठाया है। सरकार ने महसूस किया कि बैंकों के संचालन लागत के मुकाबले फायदे कम हैं। ऐसे में बैंकों के संचालन पर हो रहे खर्च को कम करने के लिए सरकार विलय का कदम उठा रही है।देश की बैंकिंग व्यवस्था के सामने एनपीए की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। विलय से बैंकों तीनों बैंकों पर होने वाली लागत को कम किया जा सकेगा।

बैंकों से विलय से क्या होगा फायदा?
आपको बता दें कि देना बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और विजया बैंक के विलय से बनने वाला नया बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। ये बैंक आर्थिक पैमानों पर मजबूत प्रतिस्पर्धी बैंक होगा। इस नए बैंक में तीनों बैंकों के नेटवर्क्स एक हो जाएंगे और डिपॉजिट्स पर लागत कम होगी । इस विलय से बैंकों के ग्राहकों की संख्या, बाजार तक पहुंच और संचालन में बढ़ोतरी होगी। वहीं ग्राहकों को ज्यादा प्रॉडक्ट्स और बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इस विलय से तीनों बैंकों के कर्मचारियों के हितों का संरक्षण होगा। वहीं बैंकों की ब्रैंड इक्विटी सुरक्षित रहेगी।












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