जानिए, 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने पर कैसा हुआ लोगों का हाल
जहां ओर पीएम मोदी के इस फैसले के बाद अफरा-तफरी मच गई है, वहीं दूसरी ओर लोग इस फैसले को सही भी मान रहे हैं।
नई दिल्ली। मोदी सरकार की तरफ से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद कर दिए गए हैं। 8 नवंबर की रात को 8 बजे पीएम मोदी ने देश के नाम संदेश देते हुए यह अहम कदम उठाया है।
जहां ओर पीएम मोदी के इस फैसले के बाद अफरा-तफरी मच गई है, वहीं दूसरी ओर लोग इस फैसले को सही भी मान रहे हैं। आइए जानते हैं दिल्ली-एनसीआर की जनता ने पीएम मोदी के इस फैसले के बारे में क्या कहा-
फैसला सही है, लेकिन अभी दिक्कत है
नोएडा में रहने वाली एक युवती से जब वनइंडिया ने बात की तो उन्होंने पीएम मोदी के इस फैसले को बिल्कुल सही बताया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल तो उन्हें भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अगर इस फैसले को काले धन से जोड़कर देखा जाए तो यह बहुत ही अच्छा फैसला है, क्योंकि इससे देश में कालेधन और भ्रष्टाचार में कमी आएगी।
दुकानदारी पर कोई असर नहीं
नोएडा सेक्टर -16 मेट्रो स्टेशन के पास रेहड़ी लगाने वाले एक शख्स से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ये फैसला बहुत सही, जिसे काफी पहले ही ले लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कल तक तो उन्होंने भी 500 और 1000 रुपए के नोट लिए, लेकिन अब नहीं ले रहे हैं। वे बोले कि अगर कोई उनके पास नया नोट लेकर आता है तो जरूर लिए जाएंगे।
जल्दबाजी में लिया गया फैसला
पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराने के लिए लाइन में लगे एक शख्स ने पीएम मोदी के इस फैसले को सही बताया, लेकिन उनका भी यही कहना था कि इसके लिए कुछ दिनों का समय देना चाहिए था। वे बोले की देश की जनता के लिए ये फैसला सही है, लेकिन अभी कुछ दिनों तक लोगों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
सवारी को होगी परेशानी
पेट्रोल पंप की लाइन में ही लगे एक ऑटोवाले से बात की गई तो वह मोदी सरकार के इस फैसले से काफी परेशान दिखे। वे बोले कि आज ही उन्होंने किसी सवारी से 500 का नोट लिया है, लेकिन अब वह इस बात से परेशान है कि वह इसे चलाएं कैसे।
वे बोले कि सवारी से अगर पैसे नहीं लेते तो हमारे पैसे मारे जाते और अब पेट्रोल पंप पर भी कम से कम 500 की गैस पड़वानी होगी, लेकिन उनके ऑटो में सिर्फ 150 रुपए तक की गैस आ सकेगी। ऐसी स्थिति में उनके सामने संकट है। उन्होंने पीएम मोदी के इस फैसले से काफी अधिक परेशान होने की बात कही है।
70 साल की उम्र में कितना दौड़ूं?
पेट्रोल भरवा रहे 70 साल के एख शख्स ने कहा कि इस उम्र में वह कितनी दौड़-भाग करें? दरअसल, पेट्रोल पंप वाले कुछ लोगों को एक पर्ची भी दे रहे हैं, जिस पर बकाया राशि लिखी रहती है। जब वह अगली बार पेट्रोल भरवाने जाएंगे, जो उनकी उस राशि का पेट्रोल ले सकेंगे या फिर अगर वह पैसे ही लेना चाहते हैं तो 3 दिन बाद वापस पैसे भी ले सकते हैं।
छुट्टे पैसे वापस देने की है दिक्कत
जब पेट्रोल पंप पर पेट्रोल दे रहे व्यक्ति से मोदी सरकार के इस फैसले पर बात की गई तो उसने कहा कि हम 500 और 1000 रुपए के नोट तो ले रहे हैं, लेकिन पेट्रोल सिर्फ 500 या 1000 रुपए का ही डाल रहे हैं, क्योंकि वापस देने के लिए छुट्टे पैसे नहीं है। मोदी सरकार के इस फैसले से पेट्रोल पंप वाले भी परेशान हैं, लेकिन सभी इस फैसले को कालेधन पर लगाम लगाने वाला मान रहे हैं।












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