पेटीएम और मोबीक्विक जैसे वॉलेट इस्तेमाल करने वालों के लिए RBI ला रहा है बड़ा तोहफा
भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटल वॉलेट्स के लिए भी एक यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस शुरू करेगा, जिससे डिजिटल वॉलेट्स में आपस में एक दूसरे पर पैसे ट्रांसफर किए जा सकेंगे।
बेंगलुरु। सरकार के डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम को और अधिक रफ्तार देने के लिए जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक एक बड़ा कदम उठाने वाला है। इस कदम के तहत रिजर्व बैंक डिजिटल वॉलेट्स के लिए भी एक यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस शुरू करेगा, जिससे डिजिटल वॉलेट्स में आपस में एक दूसरे पर पैसे ट्रांसफर किए जा सकेंगे। अगर भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐसा कर दिया तो फिर आप पेटीएम और मोबीक्विक जैसे वॉलेट में आपस में भी पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।

डिजिटल वॉलेट्स में एक दूसरे में पैसों के ट्रांसफर करने की सुविधा के लिए जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक गाइडलाइन्स भी जारी करेगी। इसमें रिजर्व बैंक यह भी तय करेगा कि यूपीआई फ्रेमवर्क का इस्तेमाल करके एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में पैसे ट्रांसफर करने पर कितनी फीस लगाई जानी है। सूत्रों की मानें तो वॉलेट्स के बीच लेन-देन शुरू करने के लिए यूपीआई फ्रेमवर्क पर भारतीय रिजर्व बैंक काफी गंभीरता से काम कर रहा है और दो से तीन महीनों के अंदर इसकी लॉन्चिंग भी की जा सकती है। ये भी पढ़ें- थोक महंगाई बढ़कर पहुंची 39 महीनों के उच्चतम स्तर पर, जानिए कितनी हुई बढ़त
यूपीआई का प्लेटफॉर्म मिलने का मतलब होगा कि कोई भी पेटीएम यूजर मोबीक्विक या फ्रीचार्ज के यूजर को पैसे भेज भी सकेगा और ले भी सकेगा। यानी किसी भी वॉलेट से किसी दूसरे वॉलेट के साथ लेन-देन हो सकेगा, जिससे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल और अधिक बढ़ेगा और इसके चलते डिजिटल इंडिया को भी बढ़ावा मिलेगा। रिजर्व बैंक की तरफ से यूपीआई फ्रेमवर्क मिलने के बाद अधिक से अधिक लोग मोबाइल वॉलेट से जुड़ेंगे, क्योंकि इसके बाद वह अपने वॉलेट के पैसे कहीं भी इस्तेमाल कर सकेंगे। ये भी पढ़ें- भाजपा की प्रचंड जीत से रुपया 1 साल के उच्चतम स्तर पर, निफ्टी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड












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