RBI MPC Meeting: त्योहारों से पहले RBI का ऐलान! नहीं किया रेपो रेट में बदलाव, क्या होगा इसका EMI पर असर?

RBI MPC Meeting: रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के नतीजे आ गए हैं। इस बार गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कर दिया है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। लगातार तीन बार रेपो रेट घटाने के बाद, अब इसे यथावत रखा गया है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल आपके होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन की EMI न तो घटेगी और न ही बढ़ेगी।

गवर्नर ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और त्योहारों के सीजन के दौरान आर्थिक गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है। वहीं, भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर जारी अनिश्चितता के चलते रिजर्व बैंक ने सतर्क रुख अपनाया है। इसके अलावा जीडीपी ग्रोथ और महंगाई के नए अनुमान भी पेश किए गए, जो आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे।

RBI

रेपो रेट में बदलाव नहीं, EMI पर भी नहीं पड़ेगा असर

रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल ब्याज दरें पहले जैसी ही रहेंगी, अभी यह 5.5% पर है। इसका सीधा मतलब है कि आपके होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन की EMI न तो बढ़ेगी और न ही घटेगी।
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अर्थव्यवस्था बनी मजबूत

MPC बैठक के बाद गवर्नर ने कहा कि भारत की इकोनॉमी अच्छी स्थिति में है। त्योहारों के मौसम में आर्थिक गतिविधियां तेज हो जाती हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में रिजर्व बैंक ने फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है ताकि जल्दबाजी में कोई जोखिम न उठाना पड़े।

रेपो रेट से EMI का सीधा संबंध

रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर घटती है तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वे ग्राहकों को भी कम ब्याज पर लोन देते हैं। यही वजह है कि जब रेपो रेट कम होता है तो होम लोन और अन्य लोन की EMI भी घट जाती है। इस बार रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से लोन लेने वालों के लिए कोई राहत या अतिरिक्त बोझ नहीं होगा।

GDP ग्रोथ का अनुमान

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान को छह दशमलव पांच प्रतिशत पर ही रखा गया है। तिमाही आधार पर यह ग्रोथ पहली तिमाही में छह दशमलव पांच, दूसरी में छह दशमलव सात, तीसरी में छह दशमलव छह और चौथी तिमाही में छह दशमलव तीन प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष में भी रियल जीडीपी ग्रोथ छह दशमलव छह प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है।

महंगाई के मोर्चे पर राहत

महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में रिटेल महंगाई नियंत्रण में रहेगी। हालांकि साल के अंत तक इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है और यह चार प्रतिशत के ऊपर जा सकती है। फिलहाल जुलाई में रिटेल महंगाई घटकर 3.54 प्रतिशत पर आ गई है, जो सितंबर 2019 के बाद सबसे कम स्तर है।
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