RBI Monetary Policy: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं: शक्तिकांत दास
RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया है। आरबीई के गवर्नर शक्ति कांत दास ने मौद्रिक नीति का ऐलान करते हुए ब्याज दरों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं करने का ऐलान किया है।

RBI Monetary Policy: वित्त वर्ष 2023-24 की पहली मौद्रिक नीति का आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया। मौद्रिक नीति का ऐलान करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि ब्याज दरों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, इसे 6.5 फीसदी ही रखा गया है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति कमेटी ने एकमत से यह फैसला लिया है कि रेपो रेट में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाए। लिहाजा रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसे 6.5 फीसदी ही रखा गया है। बता दें कि रेपो रेट वह होता है जिस ब्याज दर पर कॉमर्शियल बैंकों को लोन मुहैया कराता है।
जिस तरह से महंगाई दर एक बड़ी चुनौती बनी हुई है उसे देखते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज रेपो रेट में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं करने का ऐलान किया है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि पिछले साल मई माह से आरबीआई रेपो रेट में कुल 250 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी कर चुका है।
RBI अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए बाजार में पूंजी के प्रवाह को नियंत्रित करता है। इसके जरिए RBI महंगाई को काबू में रखने की कोशिश करता है। जब भी महंगाई बढ़ती है और चीजों के दाम बढ़ते हैं तो RBI बाजार में पूंजी के प्रवाह को कम करता है।
महंगाई दर को नियंत्रित रखना रिजर्व बैंक का एक अहम लक्ष्य होता है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक के सामने एक बड़ी चुनौती देश में विकास दर को आगे बढ़ाना होता है। इस राह में सबसे बड़ा रोड़ा महंगाई दर को नियंत्रित करना होता है।
इसी के संतुलन को स्थापित करने के लिए रिजर्व बैंक हर तीन महीने में अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान करता है। हालांकि सामान्य तौर पर आरबीआई मौद्रिक नीति का हर 3 महीने पर ऐलान करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर समय से पहले भी इसका ऐलान किया जा सकता है।












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