शहरी सहकारी बैंकों के लिए RBI का बड़ा कदम, 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख की गोल्ड लोन की सीमा
Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों के हितों के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब गोल्ड लोन की सीमा दो लाख रुपए से बढ़ाकर चार लाख रुपए करने का निर्णय किया है। शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के सामने आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है।
मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए बुलेट पुनर्भुगतान योजना के तहत सोने के बदले कर्ज (गोल्ड लोन) की सीमा को दोगुना कर चार लाख रुपए कर दिया है।

सहकारिता मंत्रालय की ओर से जारी की गई सूचना के अनुसार 2 लाख से 4 लाख की सीमा उन शहरी सहकारी बैंकों के लिए बढ़ाई गई है, जिन्होंने प्राथमिक क्षेत्र को कर्ज के तहत सभी लक्ष्यों को 31 मार्च 2023 तक पूरा किया है।
In order to remove difficulties faced by the Urban Co-operative Banks (UCBs), the Reserve Bank of India (RBI) has increased the monetary ceiling of gold loans under Bullet Repayment Scheme from Rs 2 lakh to Rs 4 lakh for UCBs to meet the prescribed Priority Sector Lending (PSL)… pic.twitter.com/pXRX2EamIo
— ANI (@ANI) October 9, 2023
सहकारिता मंत्रालय ने बताया कि शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के सामने आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यूसीबी के लिए बुलेट पुनर्भुगतान योजना के तहत स्वर्ण ऋण की मौद्रिक सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया है। निर्धारित प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) लक्ष्य है।
बता दें कि शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) जिन्होंने 31 मार्च 2023 तक प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) के तहत समग्र लक्ष्य तक उप-लक्ष्य पूरा कर लिया है, उनके लिए बुलेट पुनर्भुगतान योजना के तहत गोल्ड लोन की मौजूदा सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये करने का निर्णय किया गया है।
गौरतलब है कि शहरी सहकारी बैंकों ने छोटे और सीमांत उधारकर्ताओं की वित्त पोषण जरूरतों को पूरा करने के लिए बुलेट भुगतान योजना के तहत सोने और सोने के आभूषणों के खिलाफ ऋण की सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने की मांग की थी।












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