बड़ी खबर: 8 बैंकों पर लगा लाखों का जुर्माना, जानिए क्या है वजह, क्या होगा बैंक खाताधारकों पर असर?
बड़ी खबर: 8 बैंकों पर लगा लाखों का जुर्माना, जानिए क्या है वजह, क्या होगा बैंक खाताधारकों पर असर?
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों द्वारा नियमों के उल्लघंन के कारण कई बार जुर्माना लगाया है। बैंकिंग कार्यप्रणाली पर पैनी नजरें बनाए रखने वाले आरबीआई ने एक बार फिर से कई बैंकों पर जुर्माना ठोका है। आरबीआई ने एक दो नहीं बल्कि 8 बैंकों पर ये जुर्माना लगाया है। जिन बैंकों पर ये जुर्माना लगाया गया है उसमें 8 सहकारी बैंक शामिल हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर ये जुर्माना क्यों लगाया गया है और इस जुर्माने की वजह से उन बैंकों के खाताधारकों पर क्या असर होगा?

इन बैंकों पर लगा भारी भरकम जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामकीय अनुपालन में खामी के लिए 8 सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया है। इस लिस्ट में कई बैंक शामिल है, जिसमें विशाखापत्तनम को-ऑपरेटिव बैंक, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स एम्पलाइज को-ऑपरेटिव बैंक कैलाशपुरम, केरल के ओत्तापलम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, हैदराबाद का दारुसलाम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक, नेल्लोर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेडस गांधीनगर, काकीनाडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, काकीनाडा , केंद्रपाड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक,नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लि., प्रतापगढ़ , पूर्वी गोदावरी जिला, आंध्र प्रदेश पर ये जुर्माना लगा है।

किस बैंक पर कितने का जुर्माना
आरबीआई ने बैंकिंग नियमों की अनदेखी करने के कारण विशाखापत्तनम को ऑपरेटिव बैंक पर सबसे ज्यादा 55 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स एम्पलाइज को-ऑपरेटिव बैंक कैलाशपुरम, तिरुचिरापल्ली पर 10 लाख रुपए का जुर्माना, केरल के ओत्तापलम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर 5 लाख, दारुसलाम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर 10 लाख रुपए, नेल्लोर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर 10 लाख, काकीनाडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा केंद्रपाड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 1 लाख, नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 1 लाख का जुर्माना लगा है।

क्या होगा खाताधारकों पर असर
जिन बैंकों पर आरबीआई ने जुर्माना लगाया है उनके खाताधारकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बैंक पर लगाए गए इस जुर्माने का उनपर कोई असर नहीं होगा। RBI ने स्पष्ट किया है कि जुर्माना नियमों में अनदेखी को लेकर लगाया गया है। जिसका असर बैंक और खाताधारकों के बीच होने वाले किसी भी ट्रांजैक्शन, लोन या एग्रीमेंट की वैधता पर असर नहीं पड़ेगा।












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