खबर आपके काम की: RBI ने कर्जदारों को दी रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा, बढ़ा सकते हैं अपने लोन की समयसीमा, जानिए विस्तार से

खबर आपके काम की: RBI ने कर्जदारों को दी रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा, बढ़ा सकते हैं अपने लोन की समयसीमा, जानिए विस्तार से

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने आज अपनी मौद्रिक समीक्षा बैठक के फैसलों की जानकारी दी। गुरुवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस मौद्रिक समीक्षा बैठक में लिए गए कई फैसलों की जानकारी दी। इस बार RBI ने रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की, लेकिन उन्होंने संकेत दिए हैं कि कोरोना संकट से वित्तीय संस्थाओं को राहत देने की कोशिश जारी है। जहां आरबीआई ने नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रखा तो वहीं चेक पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए नियम मे बदलाव किए। इसके अलावा गोल्ड लोन की सीमा को बढ़ा दी। इसके साथ-साथ लोन रिस्ट्रक्चरिंग को लेकर नया ऐलान किया है।

 क्या है लोन रिस्ट्रक्चरिंग

क्या है लोन रिस्ट्रक्चरिंग

रिस्ट्रक्चरिंग का मतलब होता है पुनर्गठन है। यानी आप रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए अपने कर्ज की समयसीमा को बढ़ा सकते हैं। उदाहरण से इसे समझने की कोशिश करते हैं। अगर आपने कोई लोन 3 साल के लिए 8 प्रतिशत की ब्याज दर से लिया है तो आप लोन रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए अपने कर्ज की समयसीमा में बदलाव कर सकते हैं। आरबीआई के नए ऐलान के मुताबिक किसी भी बैंक से लिए किसी भी लोन, चाहे होम लोन हो, पर्सनल लोन हो या ऑटो लोन हो आप उसका रिस्ट्रक्चरिंग करा सकते हैं।

आपके लिए कितना सही

आपके लिए कितना सही

आरबीआई की रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम सभी व्यक्तिगत कर्ज के लिए हैं। जो भी लोन आपने अपने नाम से लिए हैं आप उसका एक बार रिस्ट्रक्चरिंग करवा सकते हैं। इस रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए आपका कर्ज एनपीए में नहीं जाएगा। बैंक आपने जबरन कर्ज वसूली नहीं कर सकती है। आपके लोन की अवधि बढ़ जाएगी। हालांकि आप अपने लोन की समयसीमा बढ़ाएगे तो आपको उतने समय का ब्याज भी देना होगा और ज्याजा ब्याज देना होगा। आपको बता दें कि अभी रिस्ट्रक्चरिंग की पूरी गाइडलाइंस सामने नहीं आई है। पहले रिस्ट्रक्चरिंग कॉपरेट लोन पर दी बैंक करते थे, लेकिन अबह इसे रिटेल और व्यक्तिगत लोन पर भी कर दिया गया है।

 खुदरा कारोबार को मिलेगा सहारा

खुदरा कारोबार को मिलेगा सहारा

इस फैसले से खुदरा कारोबार को भी सहारा मिलेगा। कंपनियों को दिए गए कर्ज के एकबारगी पुनर्गठन की सुविधा से उन कंपनियों को सुविधा मिलेगा। उद्योग जगत ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। खुदरा व्यापार जगत के मुताबिक बैंकों का काफी पैसा इस सेक्टर में लगा है। कोरोना वायरस के कारण यह उद्योग अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे वक्त में बैंकों के निवेश का बड़ा हिस्सा एनपीए में जा सकता है। हालांकि रिटेल सेक्टर को उम्मीद है कि रिस्ट्रक्चरिंग योजना पर गौर करने के लिये बनाई गई समितिउनके लिए अनुकूल नियम लेकर आएगी।

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