पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' से जुड़ी 12 महत्वपूर्ण बातें
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अमेरिका दौरे से ठीक पहले "मेक इन इंडिया" अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस अभियान के तहत देश में घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय उद्यमी हिस्सा लेंगे और उन सभी का स्वागत लाल कालीन बिछा कर किया जायेगा। यह कैम्पेन पूरे विश्व में चलाया जायेगा, ताकि दुनिया भर की बड़ी कंपनियां भारत में अपनी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिये प्रेरित हो सकें। इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने उद्यमी भी शामिल होंगे। इस अभियान से आपको क्या फायदा होगा, यह जानने के लिये पढ़ें मेक इन इंडिया से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें-

महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं-
- एक सेल बनाया जायेगा जो व्यवसायिक इकाईयों के सवालों के जवाब 72 घंटे के अंदर देगी। इसका काम इस पूरे अभियान की प्रक्रियाओं की निगरानी भी करेगी।
- 25 क्षेत्रों की पहचान की गई है जिनमें भारत अग्रणी स्थिति हासिल करने की क्षमता रखता है। यानी 25 क्षेत्रों से जुड़े उत्पादों का निर्माण भारत में हो सकेगा।
- उनमें वाहन, रसायन, आईटी, फार्मा, परिधान, बंदरगाह, विमानन, चमड़ा, पर्यटन, चमड़ा व आतिथ्य, वेलनेस व रेलवे शामिल हैं।
- सरकार ने दुनिया भर की 3000 से अधिक मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों की पहचान की है। उन्हें भारत में यूनिट लगाने के लिये प्रोत्साहित करेगी।
- अमेरिका, कनाडा, लैटिन अमेरिका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और सीआईएस देशों के सीईओ की मेजबानी के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं।
- इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का भाषण हिंदी में होगी और इसका अंग्रेजी के साथ प्रमुख भाषाओं जैसे जर्मन, फ्रेंच, जापानी और रूसी भाषा में अनुवाद किया जाएगा।
- हाल में नरेंद्र मोदी सरकार ने सेना और वायुसेना के लिए 197 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर खरीदने का 6,000 करोड़ रुपये का सौदा रद्द कर दिया।
- मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने इसके लिए रक्षा क्षेत्र में एफडीआई के नियमों में बदलाव किया और इसे काफी उदार बनाया है
- इस पूरे अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी www.makeinindia.com पर प्राप्त की जा सकेगी। हालांकि यह वेबसाइट पूरी तरह कंपनियों के लिये है।
- इस अभियान के अंतर्गत हर साल देश के 10 मिलियन यानी 1 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। यानी अगले पांच साल में 4 करोड़ लोगों को नौकरी मिलेगी।
- इसके अंतर्गत डिफेंस सेक्टर के उपकरण के निर्माण पर भी सरकार का अलग से जोर रहेगा। ताकि आगे चलकर भारत भी जेट विमान बना सके।
- मोदी के अभियान मेक इन इंछिया का मकसद होगा जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट पॉलिसी पर काम करना, ताकि देश को इसका वृहद स्तर पर फायदा हो सके।
विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में भारतीय कंपनियों और वैश्विक कंपनियों के सीईओ, राजदूत और वरिष्ठ नौकरशाह उपस्थित होंगे। इस दौरान पूरा फोकस मैन्यूफैक्चरिंग और हाई इंड टेक्नोलॉजी पर होगा।












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