एक घंटे से ज्यादा लेट हुई ट्रेन तो यात्रियों को मिलेगा हर्जाना
नई दिल्ली। भारतीय रेल ने ट्रेनों की लेट लतीफी पर अंकुश लगाने की लगातार कोशिश कर रहा है। रेल यात्रियों ने भी अब इससे समझौता कर लिया है कि ट्रेनें देर से ही चलेगी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। भले ही भारत में ट्रेनों का देरी चलना बेहद आम बात समझा जाता है, लेकिन जल्द ही इसे लेकर यात्रियों को राहत मिलने वाली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगर अब ट्रेन लेट होगी तो फायदा यात्रियों को मिलेगा। जी हां देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस अगर अब लेट होगी तो यात्रियों को उसका मुआवजा मिलेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर ट्रेन एक घंटे से अधिक लेट होती है तो यात्रिओं को मुआवजा मिलेगा। दरअसल तेजस एक्सप्रेस देस की पहली प्राइवेट ट्रेन है। IRCTC को अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल तेजस एक्सप्रेस और दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस को पायलट प्रोजेक्ट के तहत सौंपा जाएगा। इस ट्रेन का किराया भी सामान्य ट्रेन से अलग है। दिल्ली लखनऊ रूट पर चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस और तेजस के किराए में अंतर है। तेजस एक्सप्रेस में लगने वाला किराया मांग के आधार पर तय होता है। रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन के लेट होने पर यात्री मुआवजे के हकदार होंगे।
आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि हम दिल्ली-लखनऊ रूट पर तेजस एक्सप्रेस को चलाने के आखिरी स्टेज में है। इस ट्रेन के गंतव्य तक पहुंचने में देरी होने पर यात्रियों को रिफंड देने पर विचार किया जा रहा है। यह रिफंड ई वॉलेट में कैशबैक या अगले सफर में छूट के तौर पर दिया जा सकता है। आपको बता दें कि रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन 2 ट्रेनों को 3 साल की अवधि के लिए IRCTC को सौंपने की तैयारी की है।
रेलवे बोर्ड के ब्लूप्रिंट के मुताबिक इन ट्रेनों में कोई भी छूट नहीं मिलेगी। हालांकि इसमें आपको सफर में कम वक्त लगेगा। जिसके बाद इन ट्रेनों में टिकट चेंकिंग का जिम्मा रेलवे स्टाफ के पास नहीं रहेगा। इन ट्रेनों का नंबर भी अलग तरह रखा जाएगा।












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