नोटबंदी के बाद सिर्फ 75 हजार करोड़ के पुराने नोट आने बाकी, 14.5 लाख करोड़ रुपए हुए बैंकों में जमा
नोटबंदी के बाद से अब तक बैंकों में 14 लाख करोड़ रुपए वापस आ चुके हैं, जबकि 50,000 करोड़ रुपए पहले से ही बैंकों में जमा थे। अब सिर्फ 75,000 करोड़ रुपए आने बाकी हैं।
नई दिल्ली। कालेधन पर रोक लगाने का दावा करते हुए नोटबंदी करने वाली मोदी सरकार अब अब अपने दावे को लेकर ही फंसती नजर आ रही है। मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए देश 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोट अमान्य घोषित करते हुए देश में नोटबंदी लागू की थी, जिसके बाद से अब तक करीब 14 लाख करोड़ रुपए भारतीय रिजर्व बैंक में वापस पहुंच चुके हैं। सरकार का अनुमान था कि करीब 3-4 लाख करोड़ रुपए यानी करीब 20 फीसदी पुराने नोट बैंकों में वापस ही नहीं आएंगे, जिन्हें कालाधन घोषित करते हुए उस पैसे से देश का राजकोषीय घाटा किया जा सकेगा।

द इंडियन एक्सप्रेस में छ्पी खबर के अनुसार जब भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि करीब 14 लाख करोड़ रुपए के पुराने नोट पहले ही बैंक में जमा किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब पीएम मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी, उस समय ही करीब 50,000 करोड़ रुपए के पुराने नोट बैंकों में पड़े हुए थे। इस तरह करीब 14.50 लाख करोड़ रुपए इस समय बैंकों में हैं। उनके अनुसार सिर्फ 75,000 करोड़ रुपए वापस आने बाकी हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार बैंकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपए के नोट अब तक भेजे जा चुके हैं। आने वाले कुछ दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से 2-2.5 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि बैंकों को भेजे जानी की भी बात सामने आ रही है, जिसके बाद स्थितियां पहले जैसी सामान्य हो सकती हैं।
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नोटबंदी की घोषणा के सयम करीब 17.50 लाख करोड़ रुपए सर्कुलेशन में थे, जिसमें से लगभग 15.50 लाख करोड़ रुपए (88 फीसदी) नोट 500 और 1000 रुपए के थे, जिन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया। अब करीब 14.50 लाख करोड़ रुपए (93.5 फीसदी) के 500 और 1000 रुपए के नोट बैंक में वापस आ चुके हैं। अब भारतीय रिजर्व बैंक इन नोटों की दोबारा से गिनती कर रहा है ताकि अगर इन्हें गिनने में कोई गलती हो गई हो तो उसे सुधारा जा सके। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि बैंकों के पास जमा हुए इन नोटों में नकली नोट तो नहीं हैं।
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एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के पास करीब 60 बड़े आकार की मशीनें हैं, जिनकी मदद से नोटों के नकली होने का पता लगाया जाएगा। अधिकारी के अनुसार अगर ये सारी मशीनें रोजाना 12 घंटे काम करें तो भी इन्हें सभी नोटों को चेक करने में 600 दिन का समय लग जाएगा। यानी अगर इन मशीनों को 24 घंटे भी चलाया जाए तो 300 दिन (करीब साल भर) तक इन मशीनों को काम करना होगा, तब जाकर सारे नोट चेक हो पाएंगे।












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