NSE ने अडानी के 3 फर्म को सर्विलांस पर डाला, एसएंडपी डाउ जोंस ने भी दिया झटका
Adani Group को झटके पर झटका लग रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने उसकी तीन कंपनियों को निगरानी में रखा है।

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से जो सुनामी उठी थी, वो अडानी ग्रुप को बुरी तरह से प्रभावित कर रही। शुक्रवार को शेयर बाजार खुलते ही अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में 10 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसके चलते ट्रेडिंग को रोकना पड़ा। इन सब चीजों को देखते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों को एडिशनल सर्विलांस मेजर्स (ASM) में रखने का फैसला लिया है। ये तीन कंपनियां अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स हैं। वहीं दूसरी ओर कथित गड़बड़ी को देखते हुए एसएंडपी डाउ जोंस (S&P Dow Jones) ने कहा कि अडानी एंटरप्राइजेज को सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स से हटा दिया जाएगा।
मामले में NSE के एक्सपर्ट्स ने कहा कि फिलहाल तीन कंपनियों को निगरानी में रखा गया है। इसे NSE की कार्रवाई नहीं कहा जा सकता है, बस इसका मकसद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स में हो रहे उतार-चढ़ाव पर रोक लगाना है। इस निगरानी को SEBI और एक्सचेंज ने मिलकर तैयार किया है, ताकि अगर किसी कंपनी के शेयर तेजी से गिरें, तो उस पर अंकुश लगाकर निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके। वहीं ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी अपने समूह के वित्तीय स्वास्थ्य में विश्वास बहाल करने के लिए गिरवी शेयरों को प्रीपे और जारी करने के लिए ऋणदाताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं।
S&P Dow Jones ने क्या कहा?
वहीं गुरुवार शाम तक अडानी का बाजार में घाटा 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया। इस चुनौती के बीच एसएंडपी डाउ जोन्स इंडेक्स ने कहा कि अडानी ग्रुप को सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स से हटा दिया जाएगा। ये फैसला उसने कंपनी में गड़बड़ी की खबर को देखते हुए लिया है, जो 7 फरवरी से लागू होगा। इस फैसले का भी असर अडानी ग्रुप के शेयर्स पर देखने को मिल रहा, जिस वजह से वो लगातार टूट रहा।












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