'मिडिल क्लास को कुछ राहत दे दीजिए', सोशल मीडिया पर यूजर को निर्मला सीतारमण का जबरदस्त जवाब
सोशल मीडिया पर जिस तरह से एक यूजर ने मिडल क्लास की चिंता को लेकर पोस्ट किया, उसपर खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है। सोशल मीडिया यूजर ने वित्त मंत्री को अपनी पोस्ट में टैग करके मिडल क्लास पर बढ़ते बोझ और उसकी चिंता को लेकर पोस्ट किया था। जिसपर वित्त मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार जवाबदेही वाली सरकार है, हम लोगों की बात सुनते हैं।
निर्मला सीतारमण को टैग करते हुए यूजर की पोस्ट किया और लिखा, देश के लिए आपके योगदान और प्रयास की हम सराहना करते हैं, इसके लिए आपको हमारा ढेर सारा प्यार। लेकिन मैं आपके अपील करता हूं कि देश के मिडिल क्लास को भी कुछ राहत दीजिए। मैं इसमे मुश्किल चुनौतियों को समझता हूं, लेकिन यह मेरी आपकी तहे दिल से गुजारिश है।

यूजर के पोस्ट का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने लिखा, आपके इन शब्दों और समझ के लिए शुक्रिया, मैं आपकी चिंता को समझती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जवाबदेय सरकार है। लोगों की बात सुनती है और इसपर काम करती है। आपकी समझ के लिए एक बार फिर से शुक्रिया, आपके इनपुट मूल्यवान हैं।
बता दें कि भारत का मिडल क्लास कमाई पर आयकर से लेकर खर्च पर जीएसटी तक के बोझ को वहन करता है। दश में 2 फीसदी मिडिल क्लास आबादी है, जोकि देश के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा योगदान देता है। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2023 से अबतक सिर्फ 2.24 करोड़ यानि 1.6 फीसदी आबादी ने ही 2022-23 में आयकर दिया है।
भारत में प्रत्यक्ष करों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जोकि मुख्य रूप से दो श्रेणी में हैं, आयकर और कॉर्पोरेट टैक्स। प्रत्यक्ष कर अप्रत्यक्ष से अधिक हैं, जोकि एक अच्छा संकेत है। 2024 के बजट में सैलरीड क्लास को कुछ हद तक राहत मिली थी। न्यू रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50 हजार से 75 हजार कर दिया गया। जिसकी वजह से टैक्सपेयर के हाथ में 17500 रुपए की बचत आई है।












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