नोटबंदी के बाद बैंकों में पैसे जमा करने वालों को मिल सकता है नोटिस, खातों की हो रही है जांच

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नई दिल्ली। क्या आपने नोटबंदी के दौरान अपने बैंक खाते में पैसे जमा करवाए थे? अगर हां तो जरा इस खबर को ध्यान से पढ़िए। ये खबर आपको अलर्ट करने के लिए है। दरअसल सरकार ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसकी मदद से ऐसे लोगों की निगरानी की जाएगी, जिन्होंने 9 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच अपने बैंक खातों में जो रुपए जमा कराए वो उनके आय से मैच नहीं करती। ऐसे लोगों की पहचान कर सरकार उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगेगी। संतुष्ठ जवाब नहीं मिलने पर उनसे पूछताछ की जाएगी।

 CBDT identifies 18 lakh people with suspicious deposits

आय और जमा राशी की जांच

टाइम्स नाऊ की खबर के मुताबिक नोटबंदी के बाद 18 लाख संदिग्‍ध जमाकर्ताओं की पहचान करने के बाद बैंकों में जमा करवाई गई बड़ी धनराशी की जांच के लिए डाटा एनालिटिक्‍स किया जाएगा। खातों की जांच की जाएगी और जिन खातों में जमा राशीआय से मेल नहीं खाएगी, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।

सॉफ्टवेयर से हो रही है बैंक खातों की जांच

इसके लिए केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड ने एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसकी मदद से अब बैंकों में जमा राशी और जमाकर्ता के आय की गहराई से जांच की जाएगी। इस सॉफ्टवेयर की मदद से बैंक में जमा राशी और आयकर दाताओं के प्रोफाइल तैयार कर उनकी जांच होगी और करधारकों को ई-मेल भेजा जाएगा। उनसे सवाल पूछा जाएगा कि आखिर क्यों 8 नवंबर के बाद नकदी जमा की राशी उनकी आय से मेल नहीं खाती।

नहीं दिया जाब तो सजा के लिए रहे तैयार

ऐसे खाताधारकों या फिर आयकर धारकों को विभाग नोटिस भेजेगी। लोगों को 10 दिनों के भीतर इस बारे में अपना जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नोटिस भेजा जाएगा। इस योजना के तहत पहले चरण में 5 लाख रुपए से अधिक जमा करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस पाने वाले टैक्‍सपेयर्स ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिये अपना जवाब विभाग को देना होगा। उचित जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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English summary
The Income Tax department has identified 18 lakh people who have made 'suspicious' cash deposits post demonetisation, including those having deposited over Rs 5 lakh, and will send emails and SMSes seeking explanation about their source of funds.
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