Alert! 1 मई से बदल गए SBI के सेविंग अकाउंट और लोन से जुड़े नियम,आपकी बचत पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(SBI) ने 1 मई से बैंक अकाउंट और सेविंग्स से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। 14 मई से सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दर को लेकर नियमों में बदलाव किए गए हैं। 1 मई से एसबीआई(SBI) ने अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करते हुए ब्याज दर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(RBI) के रेपो रेट के साथ जोड़ दिया है। ऐसे में अब आपके सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दर आरबीआई के रेपो रेट के साथ लिंक हो गई है। बैंक ने 1 मई 2019 से 1 लाख रुपए से ज्यादा के जमा पर ब्याज दर में कटौती की है।

1 मई से बदल गए SBI के ये नियम
एसबीआई ने 1 मई से आरबीआई(RBI) के नए फॉर्मूले को अपना लिया है। इसके बाद अब 1 मई से एसबीआई के सेविंग अकाउंट होल्डर्स को 1 लाख रुपए से ज्यादा के डिपॉजिट पर पहले के मुकाबले कम मुनाफा मिलेगा। बैंक के इस फैसले के बाद आपकी सेविंग्स पर कैंची चलने वाली है। SBI ने 1 मई से एक लाख रुपए से ज्यादा के सेविंग बैंक डिपॉजिट और शॉर्ट-टर्म लोन को आरबीआई के बेंचमार्क रेपो रेट से जोड़ दिया है।

बचत पर चलेगी कैंची
एसबीआई के नए नियम के मुताबिक अब 1 लाख रुपए तक के बैलेंस पर आपको 3.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। जबकि 1 लाख रुपए से अधिक के जमा पर आपको 3.25 फीसदी के दर से ब्याज मिलेगा। ऐसा बैंक ने RBI के नए नियम के तहत किया है। बैंक ने 1 लाख से ऊपर के सभी कैश क्रेडिट और ओवरड्राफ्ट अकाउंट को RBI के रेपो रेट से लिंक कर दिया है।

ब्याज दर में हुई कटौती
बैंक ने आरबीआई द्वारा हाल ही में ब्याज दरों में की गई 0.25 फीसदी की कटौती को देखते हुए ब्याज दर में कटौती की है। वहीं 1 लाख से कम के लोन और डिपॉजिट को MCLR से जोड़े रखने का फैसला किया है, ताकि छोटे कर्जधारकों को बाजार के उठापटक से बचाया जा सके।












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