कैसे आपकी जेब काट रहा पेटीएम, देश के लिए 60 पैसे खुद की जेब में 60 रुपए
पेटीएम भले ही डिजिटल पेमेंट के काम आ रहा है, लेकिन कई मामलों में ऑनलाइन भुगतान करने से आम आदमी को भारी नुकसान हो रहा है।
नई दिल्ली। जहां एक ओर पीएम मोदी कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं और इसके फायदे गिना रहे हैं, वही दूसरी ओर, कैशलेस होने से आम आदमी की ही जेब काटने की तैयारी की जा रही है।

नोटबंदी के बाद पीएम मोदी ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की अपील की। नोटबंदी के अगले दिन ही पेटीएम की तरफ से एक विज्ञापन जारी किया गया, जिसमें पीएम मोदी की तस्वीर लगी हुई दिखी थी। इसके बाद लोगों ने भी पेटीएम का जमकर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
पेटीएम भले ही डिजिटल पेमेंट के काम आ रहा है, लेकिन कई मामलों में ऑनलाइन भुगतान करने से आम आदमी को भारी नुकसान हो रहा है। हालांकि, आम आदमी को नुकसान पहुंचने के बावजूद पेटीएम की जेब लगातार भर रही है।
कैसे भर रही पेटीएम की जेब
पेटीएम पर अगर आप किसी फिल्म का टिकट बुक करते हैं तो आपको इसके लिए काफी अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे। उदाहरण के लिए अगर आप पेटीएम पर किसी फिल्म की दो टिकटें बुक कराते हैं, जिनकी कीमत 550 रुपए है तो इस पर आपको कुछ अन्य पैसे भी देने होंगे।
550 रुपए के दो टिकट बुक करने पर सबसे पहले तो आपको सर्विस टैक्स (8.40 रुपए) देना होगा और फिर स्वच्छ भारत सेस (0.30 रुपए) और कृषि कल्याण सेस (0.30) देना होगा।
इतना ही नहीं, इसके अलावा आपको सुविधा शुल्क के नाम पर 60 रुपए अतिरिक्त देने होंगे जो सीधे पेटीएम की जेब में जाएंगे। यानी समाज कल्याण में महज 60 पैसे (स्वच्छ भारत सेस और कृषि कल्याण सेस) और अपनी जेब में 60 रुपए। आम आदमी को पेटीएम से फिल्म की टिकट बुक कराने पर भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

क्या है उपाय
अगर आपके पास टिकट घर से फिल्म की टिकट खरीदने के लिए कैश नहीं है, तो आप पेटीएम से फिल्म की टिकट बुक करने के बजाय टिकट घर से ही अपने कार्ड का इस्तेमाल करके टिकट बुक करें। ऐसा करने पर आपको सुविधा शुल्क के नाम पर ली जाने वाली राशि नहीं देनी होगी।












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