Moody's ने दिए मंदी के संकेत, इस साल धीमी रह सकती है वैश्विक विकास दर
वैश्विक विकास की दर में गिरावट का मूडीज ने दिया संकेत। मूडीज ने कहा कि हम इस बात का पुर्वानुमान लगा रहे हैं कि जी2- ग्लोबल आर्थिक विकास की रफ्तार इस वर्ष 2 फीसदी रहेगी

दुनियाभर में जिस तरह से आर्थिक मंदी देखने को मिल रही है उस बीच मूडीज की जो ताजा रिपोर्ट सामने आई है उसमे इस बात की संभावना जताई गई है कि इस वर्ष भी वैश्विक विकास दर धीमी रहेगी। जिस तरह से कई सेंट्रल बैंक ने मौद्रिक नीति को सख्त किया है उसका असर विकास दर पर देखने को मिलीगी। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस की ओर से कहा गया है कि सख्त मौद्रिक नीति के चलते ग्लोबल मैक्रो हालात मुश्किल नजर आ सकते हैं। हाल के समय में सकारात्मक संकेत के बाद भी वैश्विक आर्थिक विकास की दर धीमी रह सकती है। दुनिया की अहम अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक गतिविधि धीमी रहेगी और रोजगार सृजन के मौके कम होंगे।
अपनी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि हम इस बात का पुर्वानुमान लगा रहे हैं कि जी2- ग्लोबल आर्थिक विकास की रफ्तार इस वर्ष 2 फीसदी रहेगी, जोकि पिछले वर्ष 2.7 फीसदी थी। हालांकि मूडीज की ओर से कहा गया है कि 2024 में इसमे सुधार देखने को मिलेगा और विकास दर 2.4 फीसदी हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई में गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन सेंट्रल बैंकों के द्वारा इस दिशा में लगातार कदम उठाने की गारंटी नहीं दी जा सकती है।
अमेरिका में महंगाई दर की बात करें तो यहां पर जनवरी में 6.4 फीसदी रहती है, जबकि दिसंबर माह में यह 7.1 फीसदी थी। लेकिन अभी भी महंगाई दर लक्ष्य से दो फीसदी ऊपर है। अमेरिका के सेंट्रल बैंक का ने अपना लक्ष्य 4.50-4.65 फीसदी रखा है जोकि 15 साल में सबसे अधिक है। वर्ष 2022 में यह तकरीबन शून्य था। ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करके मांग को कुछ हद तक कमजोर करने की जरूर कोशिश की गई थी, जिसकी वजह से महंगाई दर नीचे गिरी थी।
मूडीज की ओर से इस बात की संभावना जताई गई है कि हमारी अपेक्षा है कि महंगाई आने वाले साल में भी महंगाई दर नीचे आएगी। अधिकतर जी20 अर्थव्यवस्था सेंट्रल बैंकों की ओर से उठाए जा रहे कदम की वजह से महंगाई दर नीचे आ सकती है। इस बात की भी संभावना है कि सेंट्रल बैंक ब्याज अपेक्षा से अधिक समय तक सीमित रख सकते हैं।












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