Zomato News Update: कर्नाटक में जोमैटो को 9.5 करोड़ रुपये का GST नोटिस, जानें कंपनी ने क्या दिया तर्क?
Zomato News Update: ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो को 9.5 करोड़ रुपये का जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) नोटिस मिला है। कंपनी ने रविवार को यह जानकारी दी।
शनिवार को प्राप्त नोटिस में कर्नाटक के वाणिज्यिक कर (लेखा परीक्षा) के सहायक आयुक्त से 5.01 करोड़ रुपये की जीएसटी राशि, 3.93 करोड़ रुपये का ब्याज और 50.19 लाख रुपये का जुर्माना मांगा गया है।

जोमैटो ने कहा कि कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए वाणिज्यिक कर (ऑडिट) के सहायक आयुक्त, कर्नाटक द्वारा जीएसटी रिटर्न और खातों के ऑडिट के अनुसार एक आदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें 5,01,95,462 रुपए के जीएसटी की मांग की गई है। साथ ही 3,93,58,743/ रु. का ब्याज और 50,19,546 रुपए का जुर्माना भी है।
कंपनी ने दिया ये तर्क?
कंपनी ने कहा कि यह मांग फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के लिए जीएसटी रिटर्न और खातों के ऑडिट के बाद की गई है। जोमैटो ने विस्तृत स्पष्टीकरण और प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया, लेकिन प्राधिकरण संतुष्ट नहीं था।
नोटिस के बावजूद, ज़ोमैटो ने कहा कि उसे किसी महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव की उम्मीद नहीं है और उसका मानना है कि अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष बचाव के लिए उसके पास एक मजबूत मामला है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 199.80 रुपए पर बंद हुए।
2015 में डिलीवरी सर्विस की हुई शुरुआत
जोमैटो की शुरुआत 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा द्वारा की गई थी। जोमैटो ने 2015 में अपने फूड डिलीवरी सर्विस को शुरू किया था। आज, जोमैटो भारत के सबसे प्रमुख ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों में से एक है और इसकी मार्केट वैल्यू लगभग 15.29 बिलियन डॉलर है, जिससे यह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। भारत में जोमैटो की रैंकिंग के मामले में, यह प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनियों में से एक है और स्विगी के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।












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