Income Tax का Nudge आया? ITR और Refund पर अटक सकता है पैसा, तुरंत करें ये काम
इनकम टैक्स विभाग इन दिनों काफी एक्शन मोड में है। अगर आपने हाल ही में अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरा है और रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। विभाग अब टैक्स रिफंड के दावों की बहुत बारीकी से जांच कर रहा है।
कई टैक्सपेयर्स को विभाग की ओर से विशेष 'अलर्ट' भेजे जा रहे हैं, जिनमें उन्हें अपने द्वारा क्लेम की गई टैक्स छूट (Exemptions) और कटौती (Deductions) को दोबारा चेक करने को कहा जा रहा है।

क्या है इनकम टैक्स विभाग का NUDGE अभियान?
सरल भाषा में कहें तो 'NUDGE' का अर्थ है- किसी को हल्के से टोकना या इशारा करना। विभाग ने एक प्रेस रिलीज में बताया है कि कई टैक्सपेयर्स ने ऐसी छूट क्लेम कर ली हैं, जिसके वे हकदार नहीं थे (Ineligible claims)। इससे उनकी वास्तविक कमाई कम दिखी और टैक्स की चोरी हुई।
इसे पकड़ने के लिए विभाग 'एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स' (हाई-टेक सॉफ्टवेयर) का इस्तेमाल कर रहा है। विभाग का कहना है कि वे 'विश्वास-पहले' (Trust-first) की नीति पर चल रहे हैं, इसलिए वे सीधे नोटिस भेजने के बजाय SMS और ईमेल के जरिए आपको 'टोक' रहे हैं ताकि आप 31 दिसंबर 2025 की समय सीमा से पहले खुद अपनी गलती सुधार लें।
किन दावों पर है विभाग की पैनी नजर?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विभाग मुख्य रूप से उन दावों को पकड़ रहा है जो फर्जी हो सकते हैं या उनके रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं:
- राजनीतिक दलों को चंदा: अगर आपने किसी पॉलिटिकल पार्टी को चंदा दिया है, लेकिन उसका पैन (PAN) नंबर गलत या इनवैलिड है।
- HRA और अन्य भत्ते: हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ग्रेच्युटी या अन्य छूट जो आपके फॉर्म-16 में तो नहीं थी, लेकिन आपने रिटर्न भरते समय क्लेम कर ली।
- विदेशी संपत्ति: अगर विदेश में कोई घर, बैंक खाता या संपत्ति है और उसकी जानकारी छिपाई गई है, तो विभाग 'ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन' (AEOI) के जरिए उसे पकड़ रहा है।
- फर्जी रसीदें: डोनेशन या अन्य निवेश की ऐसी रसीदें जो आपके बैंक स्टेटमेंट या रिकॉर्ड से मैच नहीं करतीं।
मैसेज मिलने पर क्या करें? घबराएं या सुधारें?
एक्सपर्ट की सलाह है कि अगर आपको ऐसा कोई मैसेज आया है, तो पैनिक होने की जरूरत नहीं है। आपको बस ये तीन काम करने चाहिए:
- 1. दस्तावेजों का मिलान: अपनी ITR कॉपी को फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और निवेश की रसीदों से दोबारा मिलाएं।
- 2. गलती मिलने पर: अगर आपको लगता है कि कोई क्लेम गलत हो गया है, तो 31 दिसंबर 2025 तक 'रिवाइज्ड रिटर्न' फाइल कर दें और बकाया टैक्स ब्याज के साथ भर दें। इससे आप भविष्य की कानूनी पूछताछ और भारी जुर्माने से बच जाएंगे।
- 3. अगर सब सही है: यदि आपके पास सभी पक्के सबूत और रसीदें मौजूद हैं और आपका दावा सच्चा है, तो आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। बस उन दस्तावेजों को संभाल कर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर विभाग को दिखाए जा सकें।
अब तक का लेखा-जोखा
विभाग ने बताया कि इस अभियान का असर दिख रहा है। अब तक 21 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स ने अपनी पुरानी गलतियों को सुधारते हुए अपडेटेड रिटर्न फाइल किया है और ₹2,500 करोड़ से ज्यादा का टैक्स चुकाया है। वहीं, चालू साल के लिए भी 15 लाख से ज्यादा लोग अपना रिटर्न रिवाइज कर चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications