क्रिप्टोकरेंसी के चलते पॉवर कट से ईरान हुआ परेशान, माइनिंग पर लगाया बैन
तेहरान, 27 मई। ईरान ने बिटकॉइन समेत सभी क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग पर अगले 4 महीने तक के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। ईरान ने ये फैसला क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग के चलते होने वाले भारी पॉवर कट के बाद किया है। इन पॉवर कट के चलते ईरान की जनता में भारी नाराजगी होने लगी थी।

राष्ट्रपति हसन रोहानी ने बुधवार को कहा था कि सभी ईरान में सभी तरह की क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग ईरानी कैलेंडर महीने के छठे महीने तक बंद होनी चाहिए। ईरानी कैलेंडर का छठां महीना 22 सितम्बर को खत्म होगा। इस प्रतिबंध में देश में वैध क्रिप्टोकरेंसी को भी शामिल किया गया है।
पॉवर कट के चलते लोगों में नाराजगी
टेलीविजन पर प्रसारित कैबिनेट बैठक में रोहानी ने कहा कि "अब हर किसी के पास एक माइनर्स हैं और वे बिटकॉइन का उत्पादन कर रहे हैं।"
क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग प्रक्रिया में रिग्स के रूप में जाने जाने वाले शक्तिशाली कम्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है। ब्लॉकचेन आधारिक इस डिजिटल करेंसी का टोकन तैयार करने या फिर टोकन के बदले में लेनदेन के दौरान भारी मात्रा में ऊर्जा खर्च होती है। पश्चिमी देशों में ऊर्जा संरक्षण को लेकर बिजली के महंगी होने के चलते ये माइनर्स चीन जैसे देशों में अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से ईरान में भी क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग तेजी से बढ़ी है।
ईरान में क्रिप्टो माइनिंग बढ़ी
हाल के दिनों में चीन में क्रिप्टोकरेंसी पर सख्ती के बाद ईऱान में इसमें और तेजी आई है जिसके चलते गर्मियों में पॉवर कट की समस्या खड़ी हो गई है।
रोहानी ने कहा कि वैध क्रिप्टो माइनिंग ऑपरेशन में ईरान में करीब 300 मेगावाज बिजली की खपत होती है जो कि बहुत ज्यादा नहीं है। लेकिन जब अवैध माइनिंग को देखा जाए तो इसमें 2000 मेगावाट बिजली की खपत होती है।
ईरान में अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में हजारों अवैध माइनिंग रिग जब्त किए गए हैं। सरकार ने हाल ही में अपने खुफिया मंत्रालय से अवैध खनिकों पर नकेल कसने की अपील की है। इसके साथ अवैध माइनिंग संचालक की पहचान बताने पर 20 करोड़ रियाल ($ 900) के पुरस्कार पर भी विचार किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications