देश का इंडस्ट्री उत्पादन 17% तक गिरा, मैन्युफैक्चरिंग में भी 21% की गिरावट- RBI
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को नए रेपो रेट का ऐलान किया। इस दौरान गर्वनर शक्तिकांत दास की तरफ से कई अहम जानकारियां भी दी गई हैं। उन्होंने बताया कि देश के औद्योगिक उत्पादन में मार्च माह के दौरान करीब 17 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में मार्च से ही लॉकडाउन लागू है।
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लॉकडाउन की वजह से सारी गतिविधियां बंद
25 मार्च को जहां लॉकडाउन का पहला चरण था तो इस समय इसका चौथा चरण चल रहा है जो 31 मई को खत्म होगा। देश में इसकी वजह से सभी फैक्ट्रियां बंद हैं और कई ऑफिसेज भी तीन माह से बंद पड़े हैं। आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने यह जानकारी भी दी कि मैन्यूफैक्चरिंग की गतिविधियों में 21 प्रतिशत की गिरावट हुई है तो वहीं इंडस्ट्रीज का आउटपुट बस 6.5 प्रतिशत पर रहा। उन्होंने बताया कि भारत में मांग में तेजी से कमी आई है। बिजली और पेट्रोलियम पदार्थों का उपभोग भी कम हुआ है। प्राइवेट सेक्टर में में भी उपभोग में गिरावट दर्ज की गई है।

मार्च में ही जता दी थी सुस्ती की आशंका
गर्वनर शक्तिकांत दास ने मार्च में लॉकडाउन लागू होने के बाद पहली बार मीडिया को संबोधित किया था। उस समय ही उन्होंने आशंका जता दी थी कि कोरोना का असर देश की जीडीपी पर बुरा प्रभाव डालने वाला है। उनकी मानना था कि खतरा बढ़ा तो आर्थिक सुस्ती और गंभीर होगी। आरबीआई की तरफ से तब बैंकों से अपील की गई थी कि वे ऋण देने को बढ़ावा देने की कोशिशें करें। गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा था कि दुनिया में कच्चे तेल के दामों में कमी आ रही है। इस वजह से मंहगाई को काबू करने में मदद मिल सकेगी और आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।

सरकार ने आंकड़ों में मानी थी बात
12 मई को सरकार की तरफ से भी औद्योगिक उत्पादन से जुड़े कुछ आंकड़ें साझा किए गए थे। सांख्यिकी मंत्रालय की तरफ से बताया गया था कि मार्च के माह में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रीयल प्रॉडक्शन यानी आईआईपी में 16.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। साल 2019 के मार्च माह में इसमें 2.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2019-2020 में इंडस्ट्रीयल ग्रोथ में 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। साल 2018-2019 में यह आंकड़ा 3.8 प्रतिशत था।

आरबीआई ने दी राहत भरी खबर
आरबीआई ने शुक्रवार को रेपो रेट को कम करके 0.40 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, रिवर्स रेपो रेट को घटाकर 3.35 प्रतिशत कर दिया गया। आरबीआई ने गर्वनर ने बताया है कि विदेशी मुद्रा भंडार 2020-21 में 15 मई तक 9.2 अरब डॉलर बढ़कर 487 अरब डॉलर हो गया। लॉकडाउन के बोझ से गुजर रही देश की जनता के लिए रेपो रेट में कटौती राहत भरी खबर है। आरबीआई के इस फैसले से आम लोगों की ईएमआई कम हो सकती है।












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