खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर 2021 में बढ़कर हुई 4.91%, फलों और सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर
नई दिल्ली, 13 दिसंबर: देश में एक बार फिर महंगाई ने आम आदमी को झटका दिया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई भारत की खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर 2021 के महीने में 4.91 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अक्टूबर में 4.48% थी। जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 6.93 प्रतिशत थी।

नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों में वृद्धि का मुख्य कारण फलों और सब्जियों की कीमतों में वृद्धि है। बता दें कि सितंबर 2021 में सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति 4.35 प्रतिशत और अक्टूबर 2021 में 4.48 प्रतिशत थी। दरअसल, सर्वेक्षण में पूर्वानुमान नवंबर के खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों के लिए 4.50 प्रतिशत और 5.32 प्रतिशत के बीच था। जो अब 4.91 प्रतिशत दर्ज की गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दिसंबर में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा था। यह अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति तय करते समय मुख्य रूप से सीपीआई पर ध्यान केंद्रित करता है।
आरबीआई ने 2021-22 के दौरान सीपीआई मुद्रास्फीति 5.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.1 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत जोखिम के साथ, मोटे तौर पर संतुलित होने का अनुमान लगाया है। 2022-23 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत अनुमानित है।












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