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BSNL-MTNL को लेकर मोदी सरकार ने दिया बड़ा फैसला, न बंद होंगे, न विनिवेश होगा

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने घाटे में चल रही सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल को लेकर बड़ा फैसला किया है। मोदी सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल की दशा सुधारने के लिए योजना बनाई है। कैबिनेट बैठक में उन्होंने बीएसएनएल और एमटीएनएल को लेकर चर्चा की। केंद्रीय कैबिनेट रविशंकर प्रसाद ने बताया कि सरकार बीएसएनएल और एमटीएनएल को लेकर सरकार बीएसएनएल के लिए आकर्षक वीआरएस पैकेज लेकर आया जाएगा, जिसके साथ-साथ 4 जी स्पेक्ट्रम के लिए करीब 4000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया जाएगा ताकि टेलिकॉम कंपनी की खस्ताहालत को सुधारा जा सके।

 In revival plan for MTNL and BSNL, cabinet announces merger of the two

केंद्र सरकार अगले 4 साल में 38000 करोड़ रुपए को मोनेटाइज करेगी। इसके साथ-साथ 15 हजार करोड़ के बॉन्‍ड भी जारी किए जाएंगे। वहीं सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को हो रहे घाटे के चलते कर्मचारियों को हो रही परेशानी और सैलरी में हो रही देरी से निपटने के लिए योजना बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की सैलरी में हो रही देरी को लेकर जल्द सामाधान निकाला जाएगा। गौरतलब है कि बीएसएनएल को मासिक वेतन के रूप में 850 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता है। कंपनी के पास अभी 1.80 लाख कर्मचारी हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 में बीएसएनएल का घाटा 7,992 करोड़ रुपए था।

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English summary
The Union Cabinet on Wednesday decided to merge state-owned telecom firms BSNL and MTNL . Telecom minister Ravi Shankar Prasad made the announcement and assured that neither MTNL or BSNL are being closed or being disinvested.
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