Hindenburg के आरोपों के बीच कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट
Hindenburg Row: जिस तरह से हिंडनबर्ग की ओर से सेबी चीफ पर संगीन आरोप लगाए गए हैं,उसके बाद हर किसी की नजर आज शेयर बाजार पर रहने वाली है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन आरोपों के बाद आज पहली बार बाजार खुलने जा रहा है, लिहाजा इसपर इसका असर देखने को मिल सकता है।
निवेशकों की नजर मुख्य रूप से अदानी ग्रुप के शेयर्स पर रहेगी। एक्सपर्ट की मानें तो शेयर बाजार पर हिंडनबर्ग के आरोपों का अल्पकालिक असर देखने को मिल सकती है। पिछले सप्ताह वैश्विक स्तर पर अमेरिकी मंदी की चिंताओं के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखा गया।

निवेशकों को तैयार रहना चाहिए
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग द्वारा सेबी चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच के खिलाफ लगाए गए आरोपों का असर आज शेयर बाजार पर पड़ने की उम्मीद है। जिसके कारण निवेशकों और ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
अडानी ग्रुप के शेयर्स पर नजर
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अदानी पावर, अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड उन 10 अडानी समूह शेयरों में शामिल हैं जिन पर आज निवेशकों की होगी। साथ ही 360 वन डब्ल्यूएएम लिमिटेड के शेयर भी, जोकि आज चर्चा में रहेंगे।
नई बोतल, पुरानी शराब
वेंचुरा सिक्योरिटीज के विनीत बोलिन्जकर ने कहा कि हिंडनबर्ग एक ही बात को दोहरा रहा है। वे एक घटना को दूसरे से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, बिना किसी सबूत के आरोप लगाए गए हैं। यह नई बोतल में पुरानी शराब परोसने जैसा है, यह निराशाजनक है।
सनसनी फैलाने की कोशिश
कैपिटल माइंड के दीपक शेनॉय ने कहा कि थोड़ा ज्यादा हो गया, मुझे लगता है, मूल रूप से ये लोग सनसनी फैलाने में लगे हैं। इसमें शायद ही कोई तथ्य है। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी के निदेशक क्रांति बाथिनी ने कहा कि रिपोर्ट में किए गए अधिकांश दावे बाजार को पहले से ही पता हैं। इस नई रिपोर्ट लंबी अवधि के लिए अदानी समूह के शेयर पर कोई असर नहीं होगा।
क्या है नया आरोप
बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक नई रिपोर्ट जारी की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने अडानी समूह से जुड़े ऑफशोर फंड में निवेश किया था। बुच और उनके पति के पास एक फंड में हिस्सेदारी थी, जिसमें गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी के सहयोगियों द्वारा अहम निवेश किया गया था।
सेबी चीफ ने आरोपों को किया खारिज
वहीं बुच ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जिस निवेश की बात कही जा रही है,वह 2015 में किया गया है। सेबी में शामिल होने से दो वर्ष पहले की यह बात है।
सावधान रहें निवेशक
हिंडनबर्ग रिपोर्ट सामने आने के बाद सेबी ने निवेशकों से शांत रहने और ऐसी रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देने से पहले सावधानी बरतने का आग्रह किया। सेबी ने कहा कि अडानी समूह के खिलाफ आरोपों की गहन जांच की गई है।
2023 में भी लगाया था आरोप
इससे पहले जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग ने अडानी समूह पर टैक्स हेवन का अनुचित उपयोग करने और स्टॉक में हेरफेर करने का आरोप लगाया। इन आरोपो को अदानी समूह ने खारिज किया था, लेकिन इसके बाद बाद भी अडानी के शेयरों में $150 बिलियन की बिक्री हुई थी।












Click it and Unblock the Notifications