आशिय़ाना चाहने वाले गायब हुए एनसीआऱ से
नई दिल्ली (ब्यूरो)। राजधानी से सटे नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में घरों के खरीददार गायब हो गए है। बिल्डर बिरादरी को समझ नहीं आ रहा कि वे ग्राहकों को बाजार में वापस कैसे लाए।

एनसीआर में घरों की सेल 34 फीसदी घटकर 115.1 लाख स्क्वेयर फुट रही, जो इससे पहले की तिमाही में 173.4 लाख स्क्वेयर फुट थी। यह बात प्रॉपर्टी रिसर्च फर्म लियासेज फोरास ने कही है।
न बिकने वाले घर
जानकारों का कहना है कि न बिकने वाले घरों की इनवेंटरी बढ़कर 815,000 अपार्टमेंट्स पहुंच गई है।
दरअसल,देश के छह प्रमुख शहरों में सितंबर क्वॉर्टर में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर घरों की बिक्री में 25 फीसदी की कमी आई है, जो साल 2009 के बाद से सबसे कमजोर सेल्स है।
सितंबर क्वॉर्टर के दौरान वहीं, मुंबई में होम सेल्स 9 फीसदी घटकर 102.2 स्क्वेयर फुट रही। चेन्नई और बंगलुरु में होम सेल्स में क्रमश: 46 और 43 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
जून क्वॉर्टर में न बिकने वाले घर 765,000 अपार्टमेंट्स की थी, जो सितंबर के आखिर में बढ़कर 815,000 अपार्टमेंट्स हो गई है। एनसीआर में अनसोल्ड इनवेंटरी की संख्या बढ़कर 318,000 अपार्टमेंट पर पहुंच गई है। बिक्री की मौजूदा रफ्तार से इन घरों को बिकने में 83 महीने का वक्त लगेगा।
वहीं, मुंबई में भी अनसोल्ड इनवेंटरी बढ़कर 170,000 अपार्टमेंट्स पहुंच गई है। मुंबई में न बिकने वाले घरों की सेल्स में करीब 50 महीने का समय लगेगा। हालांकि, पुणे में केवल 69,000 अपार्टमेंट्स की इनवेंटरी है।
रीयल एस्टेट सेक्टर के जानकार कहते हैं कि बिल्डरों के ग्राहकों के हितों को न देखने के कारण बहुत से ग्राहक बाजार से दूर होने लगे हैं।












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