Hindenburg Sebi Row: निवेशकों को सेबी की सलाह, रिपोर्ट के डिसक्लेमर को पढ़ें और घबराएं नहीं
Hindenburg Research Sebi Row: अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर एक बार फिर से सेबी ने निवेशकों को सतर्क किया है। सेबी ने निवेशकों को इस पूरे मामले में शांति बनाए रखने की अपील के हिंडनबर्ग के डिसक्लेमर यानि अस्वीकरण को बढ़ने को कहा है।
सेबी ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसके खिलाफ सभी आरोपों को झूठा करार दिया है। निवेशकों की चिंता को रोकने के लिए सेबी ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं और ऐसी रिपोर्ट से गुमराह न हों।

सेबी ने इस बात पर जोर दिया कि अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने लगातार आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने अपनी वर्तमान भूमिका संभालने से पहले ही संभावित हितों के टकराव से खुद को दूर कर लिया था। निवेशकों से अनुरोध है कि वे भ्रम से बचने के लिए हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दिए गए अस्वीकरण को पढ़ें।
सेबी ने कहा कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की 24 जांचों में से केवल एक ही लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने 3 जनवरी 2024 को उल्लेख किया कि सेबी ने अडानी समूह में 24 में से 22 जांच पूरी कर ली हैं। मार्च 2024 में एक और जांच पूरी हो गई, यानि अब सिर्फ एक मामला बचा है, जिसकी जांच पूरी होने वाली है।
इन जांचों के दौरान जानकारी जुटाने के लिए 100 से ज़्यादा समन और करीब 1,100 पत्र और ईमेल जारी किए गए। इसके अलावा, 100 से ज़्यादा संचारों में घरेलू और विदेशी विनियामकों के साथ-साथ बाहरी एजेंसियों से सहायता मांगी गई। करीब 12,000 पन्नों वाले 300 से ज़्यादा दस्तावेज़ों की जांच की गई।
बता दें कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में 416 शब्दों का एक अस्वीकरण शामिल है। यह सलाह देता है कि हिंडनबर्ग रिसर्च और उसके ग्राहक उल्लिखित कंपनियों में शॉर्ट पोजीशन रख सकते हैं। अस्वीकरण के एक हिस्से में लिखा है, "आपको यह मान लेना चाहिए कि किसी भी शॉर्ट-पक्षपाती रिपोर्ट या पत्र के प्रकाशन की तारीख तक, हिंडनबर्ग रिसर्च (संभवतः हमारे सदस्यों, भागीदारों, सहयोगियों, कर्मचारियों और/या सलाहकारों के साथ या उनके माध्यम से) हमारे ग्राहकों और/या निवेशकों के साथ यहां शामिल सभी स्टॉक या बॉन्ड (और/या स्टॉक के डेरिवेटिव) में शॉर्ट पोजीशन रखती है।












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