GST दरों में बदलाव के बाद जानिए क्या हुआ महंगा और क्या हुआ सस्ता
नई दिल्ली, 30 जून। जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक में कई उत्पाद और सेवाओं पर कर को बढ़ा दिया गया है। दाम में बढ़ोत्तरी ऐसे समय में की गई है जब महंगाई दर देश में अपने चरम पर है, लिहाजा दाम में बढ़ोत्तरी पूरे देश में उत्पादों को महंगा कर सकती है। केआर चोकसी रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 18 जुलाई से कई उत्पाद और सेवाओं के दाम बढ़ जाएंगे, जीएसटी काउंसिल ने दाम में बढ़ोत्तरी की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। जीएसटी काउंसिल ने कई पैक्ड उत्पादों को जीएसटी दायरे में लाने की सिफारिश की थी, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अनुमति दे दी थी। पॉलिश्ड डायमंड पर जीएसटी को 0.25 फीसदी से बढ़ाकर 1.5 फीसदी कर दिया गया है। जीएसटी दरों में बदलाव का सबसे बड़ा उद्देश्य राज्यों के राजस्व को बढ़ाना है।

इन उत्पादों को 12 से 18 फीसदी कर के दायरे में लाया गया
प्रिंटिंग, राइटिंग और ड्राइंक इंक को महंगा कर दिया गया है
चाकू जिनमे कटिंग ब्लेड होती है, पेपर चाकू, पेंसिल शार्पनर, ब्लेड, चम्मच, फोर्क, केक सर्व करने वाला चाकू अब 18 फीसदी जीएसटी के दर में आ गया है
पॉवर पंप महंगा हुआ
सफाई की मशीन, दाल दलहन काटने वाली मशीन आदि को महंगा कर दिया गया है
अंडों को साफ करने वाली मशीन महंगी, फल और अन्य कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली मशीन महंगी, दूथ निकालने की मशीन, डेरी मशीन महंगी की गई है।
एलईडी लैंप, लाइट आदि को महंगा कर दिया गया है।
टेट्रा पैक को महंगा कर दिया गया है।
इन चीजों पर 5 फीसदी से 12 फीसदी हुआ जीएसटी
सोलन वाटर हीटर
हर तरह के लेदर पर कर को बढ़ाया गया
12 से 18 फीसदी जीएसटी के दायरे में आईं ये सेवाएं
चिट फंड सेवाओं में कर बढ़ा
लेदर इंडस्ट्री में जुड़े काम पर बढ़ा कर
जूता बनाने वाली फैक्ट्री पर बढ़ा कर
सड़क, पुल, ब्रिज, रेलवे, मेट्रो, ट्रीटमेंट प्लांट आदि में सेवा पर बढ़ा कर
राज्य और केंद्र द्वारा दिए जाने वाले कॉन्ट्रैक्ट में टैक्स बढ़ा
5-12 फीसदी हुईं ये सेवाएं
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कॉन्ट्रैक्ट पर दिए गए काम, केंद्र शासित और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले काम और सब कॉन्ट्रैक्ट पर कर बढ़ा दिया गया है। इसे 5 से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया है।












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