पेट्रोल-डीजल कीमतों में राहत के सवाल पर केंद्र ने गिनाई ये मजबूरी
नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार ने मजबूरी गिनाई है। पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने साफ तौर पर इन बातों से इंकार किया है कि पेट्रोल और डीजल के दाम काबू करने के लिए इन पर लगाए गए टैक्स कम किए जा सकते हैं। इसके पीछे कारणों का हवाला देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि इंटरनेशनल मार्केट में तेल की बढ़ी कीमतों के वजह से देश में भी पेट्रोल-डीजल महंगे हुए हैं। आपको बता दें कि जुलाई से अब तक पेट्रोल 6 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियों ने जून में तय किया था कि अब हर रोज सुबह पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय की जाएंगी। इसके पहले 15 साल तक हर महीने की 1 और 16 तारीख को इनकी कीमतें रिवाइज की जाती थीं। जून से 3 जुलाई तक तो दाम कम हुए लेकिन इसके बाद इनमें तेजी आई। दिल्ली में पेट्रोल 6.08 रुपए तक महंगा हो चुका है। ये अगस्त 2014 के बाद सबसे ज्यादा रेट्स हैं। जबकि डीजल के 3.65 रुपए महंगा हो चुका है। दिल्ली में फिलहाल इसकी कीमत 57.01 रुपए प्रति लीटर है।
एक कार्यक्रम में संवाददाताओं ने जब धर्मेंद्र प्रधान से पेट्रोल-डीजल के दाम और टैक्स रिव्यू पर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब में कहा कि ''अभी ऐसे हालात नहीं हुए हैं कि हम कर ढांचे पर फिर से विचार करें। प्रधान ने कहा कि नयी व्यवस्था में पेट्रोल व डीजल के दामों में बदलाव पारदर्शी आधार पर किया जा रहा है और शहरानुसार कीमतें एसएमएस पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कीमतों में दैनिक आधार पर बदलाव बाजार को सटीक ढंग से परिलक्षित करता है।'' प्रधान से जब ये पूछा गया कि क्या सरकार एक्साइज ड्यूटी कम करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा- फिलहाल तो नहीं। लेकिन, जब इस तरह के हालात बनेंगे तो हम इस पर विचार करेंगे।












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