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सरकार का बैंकों को निर्देश, 'कॉर्पोरेट के बजाय खुदरा लोन पर ध्यान दें'

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नई दिल्ली। सरकार ने छोटे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को निर्देश दिया है कि वे मध्यम अवधि में अपने कॉर्पोरेट लोन एक्सपोजर में 25% तक कटौती करे और खुदरा ऋण पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। सरकार ने इस बात को भी साफ किया कि, अगले दो वर्षों में कमजोर बैंकों के आकार को कम करने के लिए इस रणनीति का अनुसरण किया जा रहा है। नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, कई सार्वजनिक उपक्रमों के लिए बैंकों का कॉरपोरेट लोन एक्सपोजर 50 फीसदी या उससे ज्यादा है, जबकि रिटेल एक्सपोजर लगभग 15 फीसदी है।

 कॉर्पोरेट लोन एक्सपोज़र को कम से कम 15 प्रतिशत कटौती करना जरूरी

कॉर्पोरेट लोन एक्सपोज़र को कम से कम 15 प्रतिशत कटौती करना जरूरी

बैकिंग सचिव राजीव कुमार ने पीएसबी के अध्यक्षों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से कहा कि, सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को मार्च 2019 तक अपने कॉर्पोरेट लोन एक्सपोज़र को कम से कम 15 प्रतिशत कटौती करना जरूरी है। बैंकों को लोन वापस लाने के लिए पॉलिसी बनाने के लिए कहा गया है। जिससे वे बड़ी बैंकों को परिसंपत्तिया खरीद और बेंच सकें। आवास, वाहन और कार लोन जैसे खुदरा लोन आमतौर पर निम्न स्तर के नॉन परफोर्मिंग संपत्ति होते हैं, जबकि कॉर्पोरेट लोन मुख्य रूप से बैंकिंग प्रणाली में तनावग्रस्त संपत्तियों के निर्माण के लिए जिम्मेदार होती हैं।

देश के आर्थिक विकास के लिए बैंक करे बदलाव

देश के आर्थिक विकास के लिए बैंक करे बदलाव

राजीव कुमार ने कहा कि, यह सरकारी बैंकों पर निर्भर करता है कि वह सरकार के भरोसे को कायम रखती है। देश के आर्थिक विकास के लिए बैंकों को अपनी पॉलिसी में कई बड़े बदलाव करने होंगे। इसे लेकर बैंकों को जल्द ही सुधारों का एक रोडमैप तैयार करना होगा। जिस पर वे भविष्य में अमल करने वाली हैं। आपको बता दें कि पूंजीगत निवेश की घोषणा के बाद, यह सामने आया है कि सरकार बड़े बैंकों को विकसित करने का इरादा रखती है, जो कॉर्पोरेट ऋण पर ध्यान देते हैं जबकि कमजोर बैंकों का आकार घटाया जाएगा और खुदरा ग्राहकों के प्रति तैयार किया जाएगा।

कॉर्पोरेट लोन एक्सपोजर को 25 फीसदी पर लाना होगा

कॉर्पोरेट लोन एक्सपोजर को 25 फीसदी पर लाना होगा

कॉर्पोरेट लोन एक्सपोजर के मामले में सरकार ने साफ करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को इसे 25 फीसदी पर लाना होगा। छोटे बैंको को पहली बार में कॉर्पोरेट लोन में मार्च 2019 तक 40 फीसदी की कटौती करनी होगी। इसे सितंबर 2017 के 15 फीसद तक के स्तर पर लाना होगा। सरकार को उम्मीद है कि कुछ छोटे पीएसबी राष्ट्रीय खुदरा बैंकों और क्षेत्रीय खुदरा बैंकों में बदल जाएंगे, बड़े बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को कॉरपोरेट लोन बिजनेस तक सीमित कर दिया जाएगा।

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English summary
govt order to public sector banks Cut loans to firms, focus on retail
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