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Goodfellows : 'कौन सी मुलाकात आखिरी हो... ' रतन टाटा के यंग मैनेजर शांतनु की पोस्ट वायरल, खुला बड़ा राज

अलग सोच और कुछ कर गुजरने की चाह रखने वाले शांतनु ने आवारा कुत्तों के लिए काफी काम किया था, उनकी यही बात उद्योगपति रतन टाटा को काफी प्रभावित की थी।

Goodfellows

Goodfellows ( शांतनु नायडू) : 'गुडफेलोज' नाम के अनूठे स्टार्टअप चलाने वाले शांतनु नायडू एक बार फिर से अपनी एक पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। मात्र 29 साल की उम्र में इंजीनियर और सोशल मीडिया influencer के रूप में नाम कमाने वाले शांतनु की बातें मशहूर उद्योगपति रतन टाटा को भी काफी प्रभावित करती हैं और इसलिए उन्होंने उसे अपना मैनेजर बनाया हुआ है। शांतनु ने अपनी पोस्ट में दिल छू लेने वाली बात लिखी है।

सीनियर सिटिजनशिप कंपनी गुडफेलो की शुरुआत क्यों की?

सीनियर सिटिजनशिप कंपनी गुडफेलो की शुरुआत क्यों की?

शांतनु नायडू ने अपनी पोस्ट में सीनियर सिटिजनशिप कंपनी गुडफेलो की शुरुआत क्यों की? इस बारे में लिखा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में एक पंजाबी कपल का जिक्र किया है।

'आंखों के आगे उस सज्जन का चेहरा आ जाता है'

उन्होंने लिखा है कि " गुडफेलो इंडिया क्यों शुरू किया?, ये सवाल जब भी पूछा जाता है तो मेरी आंखों के आगे उस सज्जन का चेहरा आ जाता है, वो ही पंजाबी दंपत्ति जिनसे मेरी मुलाकात पांच साल पहले मुंबई के एक अपार्टमेंट में हुई थी। उन्होंने मेरी ऐसी केयर की थी, जिसकी कभी मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था और तो और कोविड महामारी के दौरान उन्होंने एक बेटे की तरह मेरी देखभाल की थी।'

'गुडफेलो इंडिया का चेहरा वो पंजाबी अंकल...'

'गुडफेलो इंडिया का चेहरा वो पंजाबी अंकल...'

'मैं उन्हें इसके बदले में सिर्फ अपना थोड़ा सा वक्त देता था, जो कि शायद उनके लिए अमूल्य था, उनके साथ ही ने मेरे अंदर गुडफेलो इंडिया का विचार पैदा किया था, तो मैं आज कह सकता हूं कि गुडफेलो इंडिया का चेहरा वो पंजाबी अंकल ही थे।'

'शादी के दिन भी नहीं हुए थे खुश'

नायडू ने आगे लिखा कि 'बुधवार को 86 साल की अवस्था में पंजाबी अंंकल ने दुनिया को अलविदा कह दिया। मेरी उनसे आखिरी बार मुलाकात पिछले साल मुंबई में गुडफेलो के एक प्रोग्राम में ही हुई थी, जहां उन्होंने कहा था कि आज का दिन उनकी लाइफ का बेस्ट दिन है, इतना खुश तो वो अपनी शादी के दिन भी नहीं हुए थे।'

'नहीं जानते... कौन सी मुलाकात आखिरी है'

'नहीं जानते... कौन सी मुलाकात आखिरी है'

शांतनु नायडू ने आगे लिखा कि 'वो इस साल बहुत याद आएंगे, आप कभी नहीं जानते कि कौन सी मुलाकात आखिरी है'। नायडू की ये पोस्ट इस वक्त तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। आपको बता दें कि शांतनु नायडू साल 2018 से रतन टाटा के ऑफिस के जनरल मैनेजर हैं और वो उनके काफी करीब भी कहे जाते हैं। सितंबर 2022 में 'गुडफेलोज' की शुरुआत हुई थी, जिसमें टाटा ने भी निवेश किया है।

'अकेलापन झेल रहे बुजुर्गों की... '

'अकेलापन झेल रहे बुजुर्गों की... '

'गुडफेलोज' एक ऐसा स्टार्टअप है जो कि अकेलापन झेल रहे बुजुर्गों की हेल्प करता है, जिन्हें प्यार, साथ और अपनेपन की जरूरत होती है। ये प्यार और साथ उन्हें युवाओं के जरिए दिया जाता है, जिसे कि इसके लिए ट्रेंड किया जाता है। ये युवागण बिल्कुल वैसे ही बुजुर्गों का ख्याल रखते हैं, जैसे कि आप लोग अपने मां-बाप या दादा-दादी रखते हैं। इच्छित व्यक्ति thegoodfellows.in पर साइन अप करके या 8779524307 पर मिस्ड कॉल देकर जुड़ सकते हैं।

 'I Came Upon a Lighthouse'

'I Came Upon a Lighthouse'

मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले नायडू ने पुणे यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की है। अलग सोच और कुछ कर गुजरने की चाह रखने वाले शांतनु ने आवारा कुत्तों के लिए काफी काम किया था, जिसने रतन टाटा को काफी प्रभावित किया था और इसलिए उन्होंने उसे अपने यहां जॉब ऑफर की थी और तब से ही नायडू टाटा और उनके ग्रुप्स से जुड़े हुए हैं। आपको बता दें कि नायडू ने 'I Came Upon a Lighthouse' नाम की एक किताब भी लिखी है, जिसमें उन्होंने अपनी और टाटा की बॉन्डिंग के बारे में विस्तार से बताया है।

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