कोरोना संकट की मार के बाद पटरी पर लौट रही देश की अर्थव्यवस्था, इन अहम सेक्टर्स ने लौटाई चेहरे पर मुस्कान
नई दिल्ली। कोरोना संकट के चलते देश में कई महीने तक लॉकडाउन किया गया, जिसके चलते तमाम आर्थिक गतिविधियां बंद हो गई थी। लेकिन धीरे-धीर चरणबद्ध तरीके से देश में आर्थिक गतिविधियां पटरी पर आने लगी हैं। करों में बढ़ोतरी, निर्माण क्षेत्र में बढ़ोतरी, कारों की बिक्री में बढ़ोतरी के आंकड़ों ने त्योहारों के मौसम से पहले आर्थिक दृष्टि से अच्छे संकेत दिए हैं। हालांकि इन सेक्टर्स के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद कई सेक्टर अभी भी ऐसे हैं जो पटरी पर नहीं लौट सके हैं और मुश्किलों के दौर से गुजर रहे हैं। आइए डालते हैं उन सेक्टर्स पर जिन्होंने अब रफ्तार दिखानी शुरू कर दी है और देश के आर्थिक आंकड़े सुधरने लगे हैं।

जीएसटी कलेक्शन 7 महीनों के शीर्ष पर
तकरीबन छह महीने के बाद सितंबर माह में जीएसटी इकट्ठा करने की दर में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। छह महीने के बाद जीएसटी संकलन सुधार देखने को मिला है। आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के बाद जीएसटी संकलन में बढ़ोतरी हुई है। सितंबर माह में कुल जीएसटी का संकलन 95480 करोड़ रुपएए का है जोकि अगस्त माह में 87449 करोड़ रुपए था। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को को जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार पिछले वर्ष सितंबर माह में 91916 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हु था, ऐसे में इस वर्ष सितंबर माह का आंकड़ा पिछले वर्ष के आंकड़े को पार कर गया है।

गाड़ियों की बिक्रि में जबरदस्त उछाल, त्योहारों में और बढ़ सकती है बिक्री
लॉकडाउन के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। सितंबर माह में पिछले वर्ष की तुलना में इस काल में गाड़ियों की बिक्री में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यही नहीं ट्रैक्टर की खरीद में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के कृषि उपकरणों की बिक्री में 18 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में साफ है कि अच्छे मानसून के चलते कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

8 वर्षों के शीर्ष पर खरीद की क्षमता
देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में पीएमआई यानि पर्चेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स ने अहम भूमिका निभाई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में खरीद काफी बढ़ी है। हाांकि बावजूद इसके रोजगार सृजन में कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के चलते रोजगार में किसी भी तरह की खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। पीएमआई दर की बात करें तो पिछले साढ़े आठ वर्षों के अपने शीर्ष 56.8 फीसदी के आंकड़े पर है, अगस्त माह में यह 52 फीसदी थी।

पटरी पर लौटा रेलवे
गुरुवार को रेलवे की ओर से कहा गया है कि किराए में 9 फीसदी की गिरावट है और सितंबर माह में यह 533 मिलियन टन रही है। अप्रैल-जून तिमाही की बात करें तो यह 241 मीट्रिक टन थी। लॉकडाउन के चलते रेलवे के बिजनेस को काफी झटका लगा था और उसे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था। इस दौरन रेलवे की कमाई में 31 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन सितंबर माह के आंकड़े जरूर सकारात्मक आए हैं, लिहाजा उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इसमे और भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

यूपीआई लेनदेन में जबरदस्त बढ़ोतरी
सरकार की ओर से डिजिटल भुगतान करने के लिए यूपीआई ऐप की शुरुआत की गई थी, जोकि काफी सफल वेंचर के तौर पर देखा जाता है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार यूपीआई के द्वारा लेन-देन में सितंबर माह में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। आरबीआई ने जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार अगस्त माह में कुल लेनदेन 1.8 बिलियन रहा है। वहीं सभी डिजिटल पेमेंट के माध्यम की बात करें तो यह 3.3 ट्रिलियन पहुंच गया है।












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