Gold Hallmarking: 31 अगस्त से बदल जाएगा सोने से जुड़ा जरूरी नियम, गोल्ड ज्वैलरी खरीदने से पहले जरूर जानें
Gold Hallmarking: 31 अगस्त स बदल जाएगा सोने से जुड़ा जरूरी नियम, गोल्ड ज्वैलरी खरीदने से पहले जरूर जानें
नई दिल्ली। अगर आप सोना खरीदने जा रहे हैं तो आपको सोन की हॉलमार्किंग( Gold Hallmarking) की जानकारी जरूर होनी चाहिए। 31 अगस्त 2021 से सोने की ज्वैलरी (Gold Jewellery) की खरीद के लिए हॉलमार्किंग ( Hallmarking) को अनिवार्य कर दिया गया है। 31 अगस्त से आप न तो बिना हॉलमार्किंग वाला सोना खरीद सकते हैं और न ही ज्लैवर्स आपको बेच सकेंगे। सरकार ने ज्वैलर्स और सर्राफों को 31 अगस्त तक का समय दिया है , ताकि वो अपने मौजूद स्टॉक को हॉलमार्क करा लें।

31 अगस्त से गोल्ड हॉलमार्किंग अनिवार्य
सरकार ने 31 अगस्त से गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। हालांकि केंद्र सरकार के इस फैसले से सर्राफ और ज्वैलर्स नाखुश है और वो हॉलमार्किंग के लिए और समय मांग रहे हैं। ज्वैलर्स हॉलमार्किंग के लिए एक साल का वक्त मांग रहे हैं तो वहीं सरकार ने 31 अगस्त से इसे अनिवार्य करने का फैसला कर लिया है। 31 अगस्त के बाद से आपको सोने की शुद्धता की चिंता नहीं करनी होगी। अगर गोल्ड ज्वैलरी पर गोल्ड हॉलमार्क का निशान है मतलब सोना शुद्ध है। आपको सोने की खरीदारी करत वक्त हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान देखना होगा। हॉलमार्क निशान के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है।

क्यों जरूरी है गोल्ड हॉलमार्किंग नियम
हॉलमार्किंग का निशान ग्राहकों को सोने की शुद्धता का भरोसा दिलाया है। वहीं अगर आप हॉलमार्क वाला सोना बेचने जाएंगे तो आपसे ज्वैलर्स डेप्रिसिएशन कॉस्ट नहीं काट सकता है। यानी सोना बेचने पर भी आपको पूरी-पूरी कीमत मिलेगी। इतना ही नहीं हॉलमार्क सोने की शुद्धता का प्रमाण होगा, जिसके मिलावटी सोना बचने वालों पर नकेल कसी जा सकेगी। सरकार ने सोने पर हॉलमार्किंग के पहले चरण में 256 जिलों को कवर किया है। ये जिले देश के 28 राज्यों के हैं। ज्लैवर्स का कहना है कि देश भर में हालमार्क के लिए केंद्र काफ़ी कम है। ऐसे में पुराने स्टॉक की हॉलमार्किंग में परेशानी आएगी।

बढ़ाई गई हॉलमार्किंग श्रेणी
केंद्र सरकार ने हॉलमार्किंग की श्रेणियों में बढ़ोतरी कर दी। इसे 5 से बढ़ाकर छह कर दिया गया। आपको 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट वाले सोने की ज्वैलरी मिलेगी, और उसकी कीमत कैरेट क आधार पर होगी। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना हॉलमार्क वाले ज्वैलरी बेचने पर ज्वैलर्स पर भारी भरकम जुर्माना और छह माह तक की जेल की सजा भी हो सकती है।












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